झांसी। सोमवार को पुलिस लाइन में आयोजित भव्य पासिंग आउट परेड के साथ ही 227 महिला रिक्रूट तालियों की गड़गड़ाहट के बीच पुलिस का हिस्सा बन गईं। परेड के लिए रंगों से सजे मनमोहक मैदान पर पुलिस वर्दी में सशस्त्र बेटियों को कदमताल करते देख अभिभावकों की आंखों नम हो गईं। उमंग उत्साह में डूबे वातावरण में कदम से कदम मिलाती बेटियां मैदान पर नारी सशक्तीकरण की इबारत लिख रही थीं। सभी ने देश सेवा की शपथ ली।
सोमवार सुबह परेड में 6 अलग-अलग टोलियाें में फुल ड्रेस में निकलीं 227 महिला रिक्रूट आरक्षियों की कदमताल देखते ही बन रही थी। बैंड के साथ ही परेड ने सुबह 9 बजे डीआईजी सुभाष सिंह बघेल को सलामी दी। इसके बाद डीआईजी ने परेड का निरीक्षण किया। डीआईजी ने कहा कि इस ट्रेनिंग के बाद जिंदगी के मायने और मकसद बदल जाएंगे। पुलिस विभाग की छवि अलग है, हमें निष्पक्षता व ईमानदारी से काम करना है। वर्तमान में पुलिस विभाग में कई चुनौतियां हैं, जनता की अपेक्षा के अनुसार काम करना है। उन्होंने कहा कि पुलिस बेड़े में शामिल हुईं सभी रिक्रूट राग द्घेष से ऊपर उठकर लोगोें की सेवा करें। आज की ड्यूटी चुनौती भरी है। उन्होंने कहा कि ड्यूटी के दौरान साफ-सुथरी वर्दी पहनेें। अच्छे जूता पहनकर स्मार्ट बनकर रहें। जिसका परिणाम यह होगा कि आप हमेशा बेहतर और अच्छे कार्यों पर ध्यान देगीं।
एसएसपी डॉ. ओपी सिंह ने कहा कि ड्यूटी के दौरान आपका झुकाव सत्य और पीड़ित की मदद के लिए हो। ड्यूटी के दौरान तमाम उतार चढ़ाव भी देखने को मिलेंगे, लेकिन सत्य की राह पर ही चलना है। इस दौरान सर्वोत्तम कैडेट जालौन की माद्री तोमर को चुना गया। आउटडोर परीक्षा में भी माद्री ने बाजी मारी तो इनडोर परीक्षा में 741 अंक पाकर रक्षा यादव दूसरे स्थान पर रहीं। कार्यक्रम के दौरान डीआईजी व एसएसपी को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर एएसपी राहुल मिठास, एएसपी श्रीप्रकाश द्विवेदी, सीओ सिटी संग्राम सिंह, सीओ सदर केवी अशोक, महिला थानाध्यक्ष व आरटीसी प्रभारी पूनम शर्मा, प्रतिसार निरीक्षक रामजीत यादव मौजूद रहे।
जोश व जज्बे के साथ हुए रवाना
फर्ज के लिए मर मिटने की कसम खाकर सभी महिला रिक्रूट अपनी-अपनी मंजिल की ओर रवाना हुईं। जुलाई 2019 में सभी का प्रशिक्षण शुरू हुआ था। प्रशिक्षण के दौरान कानून की बारीक जानकारियां दी गई थीं। साथ ही, वर्तमान में पुलिस की बदलती व बढ़ती चुनौतियों से निपटने के गुर भी सिखाए गए। सबसे अहम जनता में वर्दी का विश्वास जगाने व उसे कायम रखने के भी टिप्स भी बताए गए।
इन जिलों से हुईं शामिल
ट्रेनिंग में कानपुर नगर से 128, कानपुर देहात से 37, ललितपुर से 12, चित्रकूट से 23, महोबा से 24 व प्रयागराज से 3 रिक्रूट शामिल हुईं थीं। परेड के साथ ही रिक्रूट्स को विभिन्न जिलाें के लिए रवाना कर दिया गया।
सपना हुआ पूरा
बेस्ट कैडट चुनी गईं जालौन की माद्री तोमर ने बताया कि उन्होंने हाईस्कूल की पढ़ाई करने के बाद ही पुलिस में शामिल होने की ठान ली थी। सपना आज पूरा होे गया है। अब पुलिस विभाग में आने के बाद काफी खुश हूं। इसका पूरा श्रेय उनके नाना एस भदौरिया, पिता लल्लन सिंह, मां मीरा तोमर को जाता है।
इससे बड़ा खुशी का दिन नहीं
प्रियंका तिवारी ने बताया कि मेरे लिए यह सबसे बड़ी खुशी है, इससे बड़ी खुशी का दिन कभी मुझे नहीं मिल सकता। मैंने व मेरे परिवार ने मिलकर पुलिस का सपना देखा। आज मुझे यकीन ही नहीं हो रहा कि मुझे वर्दी मिल चुकी है। मैं अब जल्दी ही ड्यूटी पर जाने को उत्सुक हूं।