झांसी। गरौठा थाना क्षेत्र में रहने वाली एक किशोरी के साथ गांव में रहने वाले दबंग ने घर में घुसकर छेड़खानी की। दादा बचाने पहुंचा तो दबंग ने उनकी मारपीट कर दी। पुलिस उल्टा दबंग के साथ मिलकर राजीनामा करने का दवाब डाल रही है। सात दिन पहले पीड़िता ने एसएसपी कार्यालय पहुंचकर शिकायत की। इस तरह का यह पहला मामला नहीं है। इसके पहले भी महिला संबंधी अपराधों की शिकायत लगातार अधिकारियाें के पास पहुंच रही हैं।
छेड़छाड़ का मुकदमा वापस नहीं लेने पर हाथरस में पीड़ित के पिता की हत्या का मामला तूल पकड़े हुए है। जिले में भी इस तरह के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। पुलिस की कार्रवाई न होने से नाराज परिजन अधिकारियों के पास पहुंचकर शिकायतें कर रहे हैं। दस दिन पहले सदर बाजार क्षेत्र की रहने वाली एक युवती ने भी एसएसपी से शिकायत करते हुए बताया कि एक बदमाश ने घर में घुसकर छेड़खानी कर दी। पुलिस ने केवल शांतिभंग में चालान कर दिया। जब वह शिकायत लेकर थाने पहुंची तो थाने के बाहर ही पीड़िता को धमकाया गया कि शिकायत वापस ले लो वरना घर से निकलना दूभर कर दूंगा। इस तरह के मामले लगातार अधिकारियों के पास गूंज रहे हैं। उधर, सवा साल में पुलिस दुष्कर्म के करीब 69 और छेड़खानी के सौ से अधिक मामले दर्ज कर चुकी है। पुलिस 60 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भी भेज चुकी है।
नंबर 1
थाना मोंठ क्षेत्र निवासी एक नाबालिग के साथ शराब के नशे में गांव के एक युवक ने छेड़खानी की। वह शिकायत लेकर परिजनों के साथ थाने पहुंची, लेकिन अब तक मामला दर्ज नहीं हो सका।
नंबर 2
थाना सदर बाजार क्षेत्र में अकेले एक युवती के साथ मोहल्ले के युवक ने घर में छेड़खानी की। शिकायत के बाद अब तक मामला दर्ज नहीं हो सका। मामला बारह दिन पुराना बताया गया है।
नंबर 3
एक सप्ताह पहले कोतवाली क्षेत्र के नई बस्ती निवासी एक युवती के साथ बाइक सवार युवकों ने छेड़खानी कर दी। चौकी पर शिकायत के बाद अब तक कोई भी कार्रवाई पुलिस नहीं कर सकी।
नंबर 4
थाना गरौठा क्षेत्र में रहने वाली एक छात्रा के स्कूल जाते समय युवक ने छेड़छाड़ कर दी। नजरअंदाज करने पर दोबारा छेड़खानी की गई। आठ दिन पहले एसएसपी कार्यालय पहुंचकर शिकायत की है।
महिला संबंधी मामलों में पुलिस पूरी तरह गंभीर है। थाने पर आने वाली हर शिकायत को दर्ज किया जा रहा है। इसमें किसी तरह की कोई हीलाहवाली नहीं की जा रही है। यदि मेरे पास भी कोई मामला आता है तो उसमें भी एफआईआर दर्ज कराई जाती है। महिला संबंधी मामलों में थानेदारों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।
दिनेश कुमार पी, एसएसपी