झांसी वाले भी महानगरों की हवा की चपेट में आ रहे हैं। जिले के हजारों मोबाइल फोन में यह एप इंस्टॉल है। एक युवक की हत्या में इस एप की भूमिका सामने आई है। पुलिस ने बताया कि एप से साथी को खोजने के दौरान कई बार हिंसक वारदात भी हो जाते हैं।
तड़क-भड़क वाले महानगरों की हवा झांसी तक भी पहुंच चुकी है। मोबाइल एप इसका माध्यम बन रहे हैं। महानगरों में समलैंगिक दोस्त (होमोसेक्सुअल रिलेशन) तलाशने में प्रचलित एप झांसी के हजारों मोबाइल फोन में इंस्टाल है। जनपद में कुछ माह पहले हुई युवक की हत्या मामले की पड़ताल के दौरान इस एप की भूमिका सामने आने के बाद पुलिस के कान खड़े हो गए। हत्याकांड के पीछे इसी एप के माध्यम से हुई दोस्ती की बात सामने आई है। इस तथ्य के सामने आने के बाद पुलिस ने अपनी जांच का दायरा बढ़ा दिया है।
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पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पड़ताल के दौरान मालूम चला कि मऊरानीपुर, गुरसराय, बड़ागांव, बबीना जैसे इलाकों में भी इस एप के माध्यम से एक जाल बिछा है। यह एप समलैंगिक लोगों को लाइव लोकेशन के माध्यम से आसपास अपना साथी तलाशने में मदद करता है। अब सर्विलांस टीम इस एप को इस्तेमाल करने वालों की पड़ताल में जुटी है। समलैंगिक साथी तलाशने में यह एप कई महानगरों में काफी प्रचलित है।
होते हैं हिंसक वारदात
पुलिस का कहना है धनाड्य परिवार के लोगों के मोबाइल फोन में भी यह डाउनलोड मिला है। एक हत्याकांड के खुुलासे में लगी पुलिस टीम के सामने कई हैरानी भरे तथ्य सामने आए हैं। पुलिस का कहना है साथी तलाशने के दौरान कई बार हिंसक वारदात हो जाती है। इमोशनल तरीके से जुड़ जाने की वजह से भी यह लोग कानून तोड़ने से नहीं हिचकते। पुलिस अफसरों के मुताबिक सर्विलांस टीम को पड़ताल करने को कहा गया है।
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चाइल्ड पोर्नोग्राफी में सीबीआई के हत्थे चढ़ चुका युवक
एरच में चाइल्ड पोर्नोग्राफी का रैकेट नवंबर माह में सामने आया था। इसमें सीबीआई टीम ने दबिश देकर एरच से जितेंद्र कुमार (23) नामक युवक को गिरफ्तार किया था। उसने पूछताछ में सीबीआई को बताया कि उसने टेलीग्राम एवं व्हाट्सएप में ग्रुप बनाया था। ऑनलाइन पैसे लेकर वह वीडियो अपलोड करने का काम करता था।