झांसी। पेट्रोल-डीजल के बढ़ते रेट और देश दुनिया में मची उथल-पुथल से बढ़ रही महंगाई हर आदमी की जेब ढीली कर रही है। महंगाई के चलते घी-तेल-आटा, दाल, सब्जी ही नहीं बिस्कुट, नमकीन और कुकीज सहित रोजमर्रा की सभी चीजों के रेट बढ़ गए हैं। ऐसे में ग्राहकों को बांधे रखने के लिए पांच-दस या बीस रुपये के पैक में सामान बेचने वाली तमाम कंपनियां पैकेट का वजन घटाकर पहले की तरह ही बिजनेस कर रही हैं।
वर्ष 2022 की शुरूआत से ही महंगाई तेजी से बढ़ रही है। फल और सब्जी के रेट आम आदमी की जेब पर पहले से ही भारी पड़ रहे थे, इसी बीच मार्च में भूसे के रेट बढ़ने से दूध भी महंगा हो गया। मालभाड़ा बढ़ने से गृहस्थी में उपयोग होने वाली हर चीज के दाम बढ़ गए। खाना-कपड़ा और धुलाई से लेकर घूमना-फिरना तक महंगा हो गया। ऐसे में घर-गृहस्थी के लिए रोज का सामान बनाने वाली कंपनियों ने अपने ग्राहकों को बांधे रखने के लिए पांच-दस या बीस रुपये के पैक में मिलने वाले बिस्कुट, चायपत्ती, नहाने वाला साबुन, कपड़े धोने वाला साबुन, सर्फ, मक्खन, मट्ठा, शैंपू, नमकीन, कुकीज आदि सामान के रेट बढ़ाने की बजाय पैकेट का वजन कम कर दिया है। खातीबाबा में खरीदारी कर रहे ग्राहक विवेक वाजपेई, धीरज रायकवार, कृष्णा शाक्या और सचिन अहिरवार ने कहा कि पांच-दस रुपये के पैक में मिलने वाले चिप्स, कुकीज, नमकीन, बिस्कुट आदि सामान खरीदने वालों में बच्चों की संख्या सबसे ज्यादा है। मार्केट जाते वक्त बच्चों को ये सारी चीजें दिलानी ही पड़ती हैं। अब इनकी एमआरपी नहीं बदली है, इससे लोग आसानी से इसे खरीद रहे हैं।
सामान का वजन कम हो गया
पांच-दस या बीस रुपये के पैक में सामान खूब खरीदा और पसंद किया जाता है। सामान की बिक्री कम न हो इसके लिए कंपनियों ने पैकेट का वजन कम कर दिया है। रेट नहीं बढ़ाए हैं।
-दीपक सिंह, मार्ट संचालक, अंसल तिराहा
पांच-दस रुपये में महंगाई का पता नहीं लगता
दो-चार या पांच-दस रुपये के पैकेट लेने में ग्राहक को महंगाई का पता नहीं लगता क्योंकि उसे सामान के बदले ज्यादा पैसे नहीं देने पड़ते हैं। तमाम कंपनियां वजन घटाकर सामान बाजार में उतार रही हैं।
-सीपी जैन, दुकानदार, खातीबाबा