झांसी। प्रशासन व पुलिस की नाक के नीचे बेखौफ होकर चार पहिया वाहनों में हूटर और प्रेशर हार्न बजाए जा रहे हैं। सड़कों पर बेधड़क होकर घूम रही इन लग्जरी गाड़ियों की न तो चेकिंग हो रही है और न ही कार्रवाई।
हूटर, सायरन का प्रयोग नियमत: पेट्रोलिंग अथवा पायलटिंग के लिए किया जाता है। हूटर की आवाज महज इसलिए बजाई जाती है ताकि सड़क पर जमा ट्रैफिक हट जाए और पेट्रोलिंग अथवा पायलटिंग के लिए रास्ता साफ हो जाए। हूटर का प्रयोग पुलिस, प्रशासन के अधिकारियों की गाड़ियों में, फायर ब्रिगेड एवं एंबुलेंस में ही किया जा सकता है।
इसके बावजूद जनपद की सड़काें पर निकलने वाले हर दूसरे चार पहिया वाहन से जरा सा रास्ता अवरूद्ध होने पर हूटर की आवाज आने लगती है। यहां तक कि उन चौराहों पर भी ये वाहन चालक अपने हूटर बजाने से बाज नहीं आते, जहां पुलिस और यातायात विभाग के कर्मियों की तैनाती होती है। कार्रवाई के नाम पर पुलिस, यातायात अथवा परिवहन विभाग के रिकार्ड में खाली दिखता है।
एआरटीओ सर्वेश कुमार का कहना है कि जनवरी 2016 में परिवहन विभाग द्वारा प्रदूषण मुक्त माह का संचालन किया गया था। इस पूरे माह में ध्वनि प्रदूषण पर भी विशेष फोकस किया गया। इसलिए पूरे माह चेकिंग हुई और हूटर अथवा प्रेशर हार्न बजाने वालों के खिलाफ मोटर व्हीकल ऐक्ट के तहत लगभग 212 वाहनों पर कार्रवाई की गई। इनसे जुर्माना भी वसूला गया। उन्होंने बताया कि एक बार फिर बहुत जल्द ध्वनि प्रदूषण फैलाने वालों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा।