मंडलायुक्त के राममोहन राव ने शनिवार को चिरगांव ब्लॉक के गांव
बरल का निरीक्षण किया। कुपोषण से मुक्ति दिलाने के लिए मंडलायुक्त ने इस
गांव को गोद लिया है। निरीक्षण में उन्होंने माना कि आंगनबाड़ी कार्यकत्री
में अनुभव की कमी है और मुख्य सेविका भ्रमण नहीं करती हैं।
शनिवार को
अमर उजाला ने मंडलायुक्त द्वारा गोद लिए गए गांव बरल का निरीक्षण न करने की
खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी। जिसके बाद कमिश्नर ने पूर्वाह्न 11 बजे
सीडीओ संजय कुमार के साथ बरल गांव पहुंच कर आंगनबाड़ी केंद्र की स्थिति का
जायजा लिया। उन्होंने बच्चों के अक्षर ज्ञान, खिलौनों आदि की जानकारी ली।
अभिलेखों के निरीक्षण तथा कार्यकत्री द्वारा सही जानकारी न देेने पर
उन्होंने निरीक्षण पुस्तिका में लिखा कि कार्यकत्री में अनुभव की कमी है,
बच्चों को सही तरीके से अक्षर ज्ञान, खिलौने तथा कहानियों के बारे में पता
नहीं है, जिसमें सुधार की आवश्यकता है। निरीक्षण में उन्होंने मुख्य सेविका
तथा सीडीपीओ पर भी केंद्र का निरीक्षण न करने की बात कही।
परिसर में
खुले स्वास्थ्य उप केंद्र में पहुंचकर उन्होंने एएनएम फूलवती से अपना ब्लड
प्रेशर चेक कराया, जो सही तरीके से जांच नहीं पाई। उन्होंने निर्देश दिए कि
टीकाकरण के लिए आने वाले मरीजों के हस्ताक्षर या अंगूठा जरूर लगवाएं, साथ
ही उनका मोबाइल नंबर भी लिखें। कमिश्नर ने आंगनबाड़ी केंद्र पर पंचायत राज
विभाग द्वारा बनाए गए शौचालय की सराहना की। ग्रामीणों ने गांव के श्मशान की
भूमि पर अवैध कब्जा होने की शिकायत की, इस पर उन्होंने एसडीएम मोंठ को
कब्जा हटवाने तथा उसकी बाउंड्री बनवाने के निर्देश दिए। ग्रामीणों ने गांव
में शौचालय बनवाने की भी मांग की। इस दौरान एसडीएम यूपी सिंह, सीएमओ विनोद
यादव, जिला पंचायत राज अधिकारी केके सिंह, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी
रवींद्र सिंह, पशु चिकित्सा अधिकारी राकेश कुमार, बीईओ नरेश रावत, एडीओ
पंचायत रामकिशेार, प्रधान प्रतिनिधि केशव राजपूत, ग्राम पंचायत अधिकारी
जितेंद्र मकराड़िया आदि मौजूद रहे।
बराटा में शिक्षिका नहीं सुनाई पाई 17 का पहाड़ा
पारीछा
(झांसी)। बड़ागांव ब्लॉक के ग्राम बराटा को मंडलायुक्त कुपोषण से मुक्त
कराने के लिए गोद लिया है। शनिवार को उन्होंने गांव का निरीक्षण कर
स्थितियों परखीं। जूनियर हाईस्कूल के रसोई घर में सफाई न मिलने पर नाराजगी
जताई। इस दौरान ग्रामीणों ने पुष्टाहार बेचे जाने की शिकायत की।
गांव के
जूनियर हाईस्कूल में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र के निरीक्षण के दौरान
उन्होंने बच्चों व गर्भवती महिलाओं को दिए जाने वाले पुष्टाहार की जानकारी
ली। स्कूल में मौजूद एक शिक्षिका से उन्होंने 17 का पहाड़ा सुनाने को कहा,
जिसे वह नहीं सुना सकीं। उन्होंने शिक्षिका का वेतन रोकते हुए कहा कि वह एक
सप्ताह में पहाड़ा व बालसभा के गीत सीडीओ को सुनाएंगी तभी वेतन मिलेगा।
स्कूल के कक्षों में अंधेरा होने पर उन्होंने शिक्षिकाओं से अपने वेतन से
पंखे व बल्ब लगाने को कहा। किचिन शेड गंदा मिलने पर उन्होंने कर्मचारी को
फटकार लगाई। प्राइमरी विद्यालय के तीन बच्चों ने बताया कि आपकी फोटो
अखबारों में छपती है, यह सुनकर उन्होंने तीनों को सौ-सौ रुपए का पुरस्कार
देते हुए बच्चों से नियमित अखबार पढ़ने को कहा। प्राइमरी स्कूल की अंग्रेजी
शिक्षिका से उन्होंने ‘मैं कौन हूं’ का अंग्रेजी अनुवाद पूछा तो वह नहीं
बता पाईं।
इस दौरान ग्रामीणों ने प्रसव केंद्र पर रुपए लेने, आवारा
जानवरों के विचरण आदि की शिकायत की। इस दौरान वीर सिंह राजपूत पूर्वप्रधान,
वीरेंद्र श्रीवास, कप्तान सिंह, अजय राजपूत, प्रभुदयाल साहू, ओमप्रकाश
गुप्ता, बृजमोहन, देशपाल, दशरथ सिंह राजपूत, गंगाधर गुप्ता आदि सहित
प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।