झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में निर्माण कार्यों के दौरान जमकर कमीशनबाजी का खेल चला। वार्डों में लगाए गए टाइल्स मानकों में फेल हो गए। एक टाइल्स उखाड़ने पर पूरी की पूरी परत औंधे मुंह गिरने लगी। शनिवार को मेडिकल कालेज की व्यवस्थाओं को देखने पहुंचे राज्यसभा सांसद और विधायक के सामने यह गड़बड़ी उजागर हुई। इस पर उन्होंने कहा कि कार्यदायी संस्था से इसे सुधरवाया जाएगा।
गौरतलब है कि सन् 2010 में मेडिकल कॉलेज के दसों वार्डों में टाइल्स लगवाने व अन्य कार्यों के लिए एक फर्म को ठेका दिया गया था। कार्य पूर्ण होने को दो साल का वक्त निर्धारित था लेकिन कार्यदायी संस्था 2014 तक निर्माण पूरा कर पाई। टाइल्स लगाने में मानकों में जमकर खेल हुआ। अभी इन्हें लगे कुछ ही समय हुआ है लेकिन टाइल्स रेत की तरह दीवारों से फिसल रहे हैं। मेडिकल कॉलेज में शनिवार को व्यवस्था देखने पहुंचे राज्यसभा सांसद चंद्रपाल यादव और विधायक दीपनारायण यादव से निर्माण में हुए खेल की शिकायत अस्पताल प्रशासन ने की। निर्माण कार्य से जनप्रतिनिधि भी असंतुष्ट दिखाई दिए और कार्यदायी संस्था से इन्हें सुधरवाने का आश्वासन दिया।
इसके अलावा जनप्रतिनिधियों ने वार्डों और इमरजेंसी में जाकर भी व्यवस्था देखी। इस दौरान बर्न वार्ड में एसी बंद मिलने पर विधायक ने कार्यवाहक प्राचार्य से इनको चालू करवाने को कहा। इस दौरान कार्यवाहक प्राचार्य डा. एनएस सेंगर, सीएमएस डा. हरिशचंद्र आर्या मौजूद रहे।
आएगी नई सी-आर्म मशीन
मेडिकल कॉलेज में जल्द ही नई सी-आर्म मशीन आएगी। सांसद निधि से इसके लिए धन दिया जाएगा। शनिवार को इसकी घोषणा की गई। इसके साथ ही एक कॉर्टरी मशीन की भी खरीद होगी। वहीं, कॉलेज प्रशासन ने बर्न वार्ड में एक ही चिकित्सक, वेंटिलेटर चलाने को टेक्नीशियन नहीं होने की जानकारी दी। इस पर जनप्रतिनिधियों ने शासन स्तर पर बात कर समाधान कराने का आश्वासन दिया। इसके अलावा गुमनावारा इलाके के सीवर का पानी और गंदगी परिसर में आने की शिकायत पर उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट से इसे रुकवाने के लिए कहा।
सीएम पूछते हैं निर्माणाधीन वार्ड का हाल
कॉलेज अधिकारियों, चिकित्सकों व स्टाफ कर्मियों के साथ हुई बैठक में जनप्रतिनिधियों ने कहा कि मुख्यमंत्री कॉलेज परिसर में निर्माणाधीन पांच सौ बेड का हाल चाल पूछते रहते हैं। इसके निर्माण में किसी तरह की कोताही नहीं बरतनी चाहिए। हालांकि, सांसद व विधायक निर्माण कार्य से संतुष्ट दिखे। इस दौरान कॉलेज प्रशासन से अस्पताल की इमेज सुधारने की भी बात कही गई।
बाहर कुछ, बंद कमरे में कुछ
मेडिकल कॉलेज प्रशासन द्वारा बजट की कमी को लेकर शासन को कई बार पत्र लिखा जा चुका है। शनिवार को बजट बढ़वाने के संबंध में जब जनप्रतिनिधियों से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि बहुत बजट मिल रहा है। इतना मिल रहा है कि पूरा खर्च भी नहीं हो रहा है। वहीं, बाद में बैठक के दौरान एक वरिष्ठ चिकित्सक ने जब ऑपरेशन थिएटर में बजट की कमी से व्यवस्था प्रभावित होने का मामला उठाया तब जनप्रतिनिधियों ने कहा कि शासन स्तर पर प्रयास करके इसको बढ़वाया जाएगा।