झांसी। वाणिज्य कर विभाग टैक्स चोरी रोकने के लिए ई वे बिल को स्कैन कर उनकी लगातार जांच कर रहा है। पिछले पांच महीने में पांच हजार वाहनों के बिल स्कैन किए गए, जिसमें 50 से अधिक मामलों में बिल का दोबारा प्रयोग पकड़ा गया। संबंधित फर्मों को नोटिस भेजकर जवाब मांगा गया है।
वाहन से एक स्थान से दूसरे स्थान पर माल ले जाने के लिए ई वे बिल आवश्यक है। ऑनलाइन निकलने वाले ई वे बिल का व्यापारी दोबारा प्रयोग नहीं कर सकें, इसके लिए वाणिज्य कर सचल दल वाहनों की चेकिंग के दौरान उनको मोबाइल पर स्कैन कर लेते हैं। ऐसे में अगर ई वे बिल का दोबारा प्रयोग होता है तो वह खामी तुरंत पकड़ में आ जाती है। झांसी जोन के सचल दल अधिकारियों ने अप्रैल से अगस्त तक पांच हजार से अधिक ई वे बिल स्कैन किए, जिनमें 50 से अधिक मामले दोबारा ई वे बिल के प्रयोग के पकड़े गए।
वर्तमान में झांसी जोन के झांसी, ललितपुर, जालौन, हमीरपुर, महोबा, बांदा व चित्रकूट जिले में 57088 फर्में पंजीकृत हैं। इनमें झांसी जनपद में 19734 फर्में पंजीकृत हैं। इस संबंध में ज्वाइंट कमिश्नर (विशेष अनुसंधान शाखा) एके सिंह ने बताया कि बड़े वाहनों से टैक्स चोरी न हो सके, इसके लिए लगातार प्रयास चल रहे हैं।