वाणिज्य कर विभाग ने जीएसटी (गुड्स एंड सर्विस टैक्स) को लेकर सक्रियता बढ़ा दी है। जीएसटी पर व्यापारियों को जागरूक करने के लिए 15 से 30 अप्रैल तक विभाग जागरूकता पखवाड़ा मना रहा है।
गुड्स एंड सर्विस टैक्स एक जुलाई से प्रस्तावित है। वाणिज्य कर कमिश्नर मुकेश कुमार मेश्राम ने सभी पंजीकृत व्यापारियों से आग्रह किया है कि वे 30 अप्रैल तक माईग्रेशन और एनरोलमेंट जीएसटी में करा लें, अन्यथा वे अपंजीकृत व्यापारी माने जाएंगे। इसके लिए सभी व्यापारियों के मोबाइल पर लॉगिन आईडी और पासवर्ड भेज दिए गए हैं। साथ ही व्यापारिक, वाणिज्यिक उद्योग संगठनों से समन्वय और सहयोग के माध्यम से प्रत्येक सेक्टर व मुख्य नगरों में कार्यशाला आयोजित करने के निर्देश दिए हैं।
कारोबारी ध्यान दें
जिन कारोबारियों के पैन, ईमेल आईडी, फोन नंबर और अन्य जानकारी अपलोड नहीं हैं, वे समय रहते ध्यान दें। पूरे ब्यौरे की जानकारी अपलोड होने के बाद में ही कारोबारी जीएसटी पोर्टल पर अपना रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे।
- डीएस तिवारी, एडिशनल कमिश्नर ग्रेड वन
78 प्रतिशत ने पंजीयन कराए
मंडल के 19 हजार कारोबारियों में से 78 प्रतिशत ने ही अब तक जीएसटी में अपना पंजीयन कराया है। इसमें मंडल के झांसी, ललितपुर और जालौन जनपद में पंजीकृत 19 हजार व्यापारियों में से 15240 कारोबारियों ने अपना नामांकन कराया है।
ये ब्योरा देना है
- विभाग की ओर से उपलब्ध कराई गई प्रोविजनल आईडी, पासवर्ड
- ईमेल आईडी, मोबाइल नंबर, बैंक एकाउंट नंबर
- बैंक आईएफएससी कोड, व्यापार से संबंधित साक्ष्य
- कारोबारी का फोटो, हस्ताक्षरकर्ता का फोटो और साक्ष्य
- बैंक पासबुक के कवर पेज की फोटो कापी और डिजिटल हस्ताक्षर
पंजीयन से ये मिलेगी सुविधा
- सभी तरह के टैक्स खत्म हो जाएंगे। कारोबारी को सिर्फ जीएसटी व इनकम टैक्स का ब्योरा देना होगा।
- पूरे देश में एक टैक्स होने से कारोबारी केंद्रीयकृत हो जाएंगे।
- पंजीयन लेकर कारोबारी चेकिंग, सर्वे आदि से बच सकते हैं।
- ऑनलाइन रिटर्न करने एवं अन्य सभी प्रार्थना पत्र ऑनलाइन दाखिल करने की सुविधा।