झांसी। लोकतंत्र के महापर्व का महासंग्राम शुरू हो गया है। जिसके चलते राजनीतिक गलियारों में हलचलें तेज हो गई हैं। शहर के सभी राजनीतिक दल वोटरों को अपने पक्ष में करने के लिए जुटे हुए हैं। कई राजनीतिक पार्टियों की निगाहें मुस्लिम वर्ग के वोटरों पर टिकी हुई हैं। मुस्लिम वोटरों ने कहा कि वह फिजाओं में मुहब्बत का रंग घोलने वाले नेता को वोट देकर विधायक बनाएंगे। हालांकि उलमाओं द्वारा खामोशी अख्तियार की हुई है।
20 फरवरी को झांसी विधानसभा सीट के लिए मतदान होगा। जिसके तहत सभी राजनीतिक दलों व निर्दलीय प्रत्याशियों द्वारा नामांकन दाखिल किया जा चुका है। प्रत्याशियों का नामांकन होते ही प्रत्याशियों की तस्वीर पूरी तरह से साफ हो गई है। जिसके चलते विधानसभा चुनाव में कुल 45 उम्मीदवार मैदान में हैं। वैसे तो झांसी विधानसभा क्षेत्र में मतदाताओं की संख्या चार लाख से अधिक है लेकिन चुनाव में अहम किरदार अदा करने वाले मुस्लिम मतदाताओं की संख्या तकरीबन 75 हजार है। जिसके चलते कई राजनीतिक दल मुस्लिम वोटरों को अपने पक्ष में करने के लिए पूरी ताकत लगा रहे हैं। वहीं कई राजनीतिक दल मुस्लिम वोटरों को अपना वोट बैंक बताकर हक जताने में जुटे हुए हैं। लेकिन इस बार के चुनाव में मुस्लिम वर्ग का वोटर किस पार्टी को वोट करेगा इसका अभी तक कोई भी एलान नहीं गया है। वहीं कई दलों के उम्मीदवारों द्वारा उलमाओं के दर के चक्कर लगाए जाने लगे हैं।
इस बार सभी मुस्लिम मतदाताओं को एक तरफा मतदान करना चाहिए। ऐसे प्रत्याशी को चुने जो आपसी भेदभाव को दूर कर शहर का विकास और नौजवानों के लिए अहम पहल करे।
मौलाना आमिल
इस दौर में लोगों के दिलों में मुहब्बत सिर्फ नाम को ही रह गई है। कई वर्ग के लोग एक-दूसरे को दुश्मन मानने लगे है। मुहब्बतों की पहल करने वाले प्रत्याशी को चुनें।
मौलाना सैफुद्दीन
सभी धर्मों और वर्गों का विकास करने के साथ ही मुस्लिम वर्ग के लोगों के लिए अहम फैसला लेने वाले उम्मीदवार को चुनकर विधायक बनाना चाहिए। एक तरफा ही मतदान करना चाहिए।
हाफिज अताउल्ला खान
वोट देना हम सभी का अधिकार है। सरकार में हिस्सेदारी के लिए मतदान अवश्य करें। इस चुनाव में साफ-सुथरी छवि वाले उम्मीदवार को चुनकर विधायक बनाएं।
मुफ्ती इमरान