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स्टाफ नर्स से सीओ ने की पूछताछ, जूनियर डॉक्टर ने सभी आरोपों को सिरे से किया खारिज, कहा- उसे फंसाया जा रहा

Fri, 12 Feb 2021 01:47 AM IST
झांसी ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, झांसी
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टर पर शारीरिक शोषण का आरोप लगाने वाली स्टाफ नर्स न्याय और मुकदमा दर्ज कराने के लिए अभी भी भटक रही है। बृहस्पतिवार को सीओ ने उससे पूछताछ की। वहीं, जूनियर डॉक्टर ने स्टाफ नर्स के सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। जेआर ने अपना पक्ष रखा और कहा कि उसे हनी ट्रैप में फंसाया गया। उसके स्टाफ नर्स के साथ कोई शारीरिक संबंध नहीं बने। अब उससे 15 लाख रुपये की मांग की जा रही है।
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मेडिकल कॉलेज में स्टाफ नर्स ने जूनियर डॉक्टर पर शारीरिक शोषण का आरोप लगाया है। वह लगातार थाने-चौकी का चक्कर काटकर जूनियर डॉक्टर के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग कर रही है। बृहस्पतिवार को स्टाफ नर्स को पूछताछ के लिए सीओ सिटी ने बुलाया। नर्स ने आपबीती बताते हुए शिकायती पत्र भी सौंपा। साथ ही, कहा कि पुलिस ने अब तक मुकदमा दर्ज नहीं किया है। वहीं, इस मामले में जूनियर डॉक्टर भी अपना पक्ष रखने के लिए आगे आया है।

जूनियर डॉक्टर का कहना है कि वह निर्दोष है। उसे हनी ट्रैप के तहत फंसाकर 15 लाख रुपये की मांग की जा रही है। पांच फरवरी को स्टाफ नर्स के पति ने उसे एक दुकान में बुलाकर पैसे की मांग की। ऐसा नहीं करने पर दुष्कर्म के मुकदमे में फंसाने की धमकी भी दी। इसकी सीसीटीवी फुटेज भी दुकान से निकलवाई जा सकती है। जूनियर डॉक्टर का कहना है कि नर्स से कभी भी उसके शारीरिक संबंध नहीं बने। अब उसे डर है कि कहीं उस पर पुलिस फर्जी मुकदमा न दर्ज करा दे।
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आखिर मुकदमा दर्ज करने से क्यों बच रही पुलिस
आरोपी जूनियर डॉक्टर पर मुकदमा दर्ज क्यों नहीं हो रहा है यह प्रश्न अब शहर भर में चर्चा का विषय बनता जा रहा है। चौराहों, बाजारों में लोग कह रहे हैं कि मेडिकल कॉलेज की स्टाफ नर्स की लगतार लिखित शिकायत की अनदेखी पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़ा कर रही है। आला पुलिस अधिकारी भी सुनवाई नहीं कर रहे। मुकदमा दर्ज कराना उसका हक है। अगर उसकी शिकायत झूठी है तो पड़ताल के बाद मामले में फाइनल रिपोर्ट (एफआर) लगाई जा सकती है।
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मामले की जांच की जा रही है। जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। - राजेश कुमार सिंह, सीओ सिटी।
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