ललितपुर कोरोना संक्रमण की पहली लहर में अधिकांश लोग दहशत में आ गए थे। आमजन के साथ कई चिकित्सक भी डर गए थे। कई चिकित्सकों ने अपने क्लीनिक बंद कर दी थी तो कुछ चिकित्सक अपनी सेवाएं देने से कतरा रहे थे, ऐसे समय में जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन/ मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अमित चतुर्वेदी ने अपनी चिकित्सा सेवा जारी रखी और अस्पताल में मरीजों का उपचार करते रहे। इतना ही नहीं उन्होंने कई जिलों से आए गंभीर मरीजों का उपचार कर उन्हें स्वस्थ भी किया। बिना डरे डटकर अपनी सेवाएं देने पर जिलाधिकारी द्वारा कलक्ट्रेट परिसर में उनका सम्मान भी किया था।
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बेटा और बेटी प्राप्त कर रहे उच्च शिक्षा
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अमित चतुर्वेदी दो भाइयों में बड़े थे। इनके एक पुत्र व एक पुत्री है। पुत्र दिल्ली से बीटेक कर सिविल सर्विस की तैयारी कर रहा है। पुत्री नोएडा के शारदा मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की चतुर्थ वर्ष में पढ़ाई कर रही है।
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जिला अस्पताल में 18 वर्ष से दे रहे थे सेवाएं
डॉ. अमित चतुर्वेदी मूलत: उत्तर प्रदेश के औरेया जनपद के निवासी थे। इन्होंने ग्वालियर मेडिकल कॉलेज से चिकित्सा की शिक्षा प्राप्त की। एमबीबीएस के बाद एमडी की डिग्री भी ली। जनपद में वर्ष 2003 में जिला अस्पताल पुरुष में वरिष्ठ फिजिशियन के पद पर आए थे। तब से लगातार सेवाएं दे रहे थे। वर्ष 2020 में उन्हें अक्तूबर माह में जिला अस्पताल का प्रभारी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक के पद पर तैनात किया गया। मई माह में शासन द्वारा सीएमएस पद पर नियुक्त किया गया।
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डॉ. चतुर्वेदी समेत सात चिकित्सकों की कोरोना से हो चुकी है मौत
जनपद में कोरोना वायरस संक्रमण से अब तक डॉ. अमित चतुर्वेदी सहित सात चिकित्सकों की मौत हो चुकी है। इनमें तीन सरकारी व चार निजी चिकित्सक जान गवां चुके हैं। बीते अप्रैल माह में जिला महिला अस्पताल में तैनात महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. बद्री प्रसाद इटालिया, जिला अस्पताल में तैनात ईएनटी सर्जन डॉ. राकेश दत्त और निजी चिकित्सकों में डॉ. सतीश सुड़ेले, डॉ. सुरेश खजुरिया, डॉ. भरत दत्त, डॉ. अमरचंद्र जैन आदि चिकित्सक कोरोना से जंग हार चुके हैं।