फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रक्सा में पानी की किल्लत, दस मिनट आते हैं नल

विज्ञापन
विज्ञापन
झांसी। महानगर से दस किलोमीटर दूर स्थित ग्राम रक्सा में पानी का संकट गहरा गया है। यहां नलों में बमुश्किल दस मिनट पानी आ रहा है। पानी भी मटमैले रंग का आता है। इस कारण लोग पीने के लिए उसका इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं, बल्कि प्राइवेट टैंकरों से तीन रुपये में 15 लीटर का एक डिब्बा पानी खरीद कर प्यास बुझा रहे हैं।
विज्ञापन

ग्राम रक्सा की आबादी दस हजार है। यह गांव झांसी से सिर्फ दस किलोमीटर दूर है, इस कारण अधिकांश लोग महानगर से सीधे जुड़े हैं। कभी रक्सा में पानी का बहुत संकट रहता था, लेकिन अब समस्या का काफी हद तक समाधान हो गया है। फिर भी, गर्मी चरम पर आ जाने के कारण यहां पानी का संकट गहरा जाता है। यहां सिजवाहा बांध से पानी की आपूर्ति होती है। गांव में टंकी बनी है। शंकर जी के मंदिर के आसपास का क्षेत्र हो या फिर अन्य क्षेत्र, लगभग सभी जगह पानी की किल्लत है। गांव में 130 हैंडपंप लगे हैं, इनमें से 60 खराब हैं। जो चल रहे हैं, उनमें भी पर्याप्त पानी नहीं है, बल्कि थोड़ी देर बाद पानी छोड़ देते हैं और हैंडपंप से हवा निकलने लगती है। गर्मी चरम पर है, इसलिए गांव में प्राइवेट टैंकर संचालक सक्रिय हो गए हैं। टैंकरों के माध्यम से अधिकांश लोग पीने का पानी ले रहे हैं, क्योंकि नलों में जो पानी आता है। वह बहुत पीला होता है। भले ही पानी में स्वास्थ्य संबंधी कोई दिक्कत न हो, लेकिन पीले पन की वजह से लोग पानी पीने में आपत्ति जताते हैं और पीने का पानी टैंकरों से खरीदते हैं।
पानी की बहुत समस्या है। नलों में पानी या तो आता नहीं है। यदि आता है तो दस मिनट के लिए, इसलिए पूरा पानी नहीं भर पाते हैं। कई दिनों से पानी की किल्लत चल रही है।
विज्ञापन

- शिवम
नलों का पानी इतना पीला और मटमैला आता है कि पीने की इच्छा नहीं होती है। इस कारण टैंकर से खरीदकर पानी भरना पड़ता है। समस्या का समाधान किया जाए।
- रमेश राजपूत
कभी साइकिल तो कभी मोटरसाइकिल से पानी भरने जाना पड़ता है, क्योंकि नलों में पानी बहुत कम आ रहा है। यदि आता है तो उसमें पीला और मटमैलापन होता है, जिसे पीने की इच्छा नहीं होती।
- अभिषेक
कई दिनों से पानी बहुत कम आ रहा है। इसकी शिकायत भी कर चुके हैं, लेकिन अभी समाधान नहीं हो सका है। पानी की व्यवस्था दुरुस्त कराएंगे, ताकि गांव वालों को असुविधा का सामना न करना पडे़।
- राजेंद्र राजपूत, ग्राम प्रधान
कनेक्शनों की संख्या काफी अधिक हो जाने के कारण अब नलों में पानी बहुत कम आ रहा है। इसका समाधान किया जाए और जल्द से जल्द पानी की आपूर्ति सुचारु की जाए।
- आशाराम श्रीवास
पानी की किल्लत फिर से शुरू हो गई है। हैंडपंप काम नहीं कर रहे हैं और नलों में पानी बहुत कम आ रहा है। इस कारण साइकिल से या मोटरसाइकिल से काफी दूर से पानी भरकर लाना पड़ रहा है।
- सोनू राजपूत
गांव में पानी की समस्या बहुत पुरानी है। टंकी बनने से उम्मीद थी कि यह समस्या हल हो जाएगी, लेकिन इसका समाधान नहीं हो सका है। गर्मियों में फिर से पानी की समस्या हो गई है।
विज्ञापन

- प्रमोद साहू
अधिकांश हैंडपंपों से पानी की जगह हवा निकल रही है। नलों में दस मिनट पानी आ रहा है। इस कारण दिक्कत हो रही है और टैंकर से पानी लेना पड़ता है।
- भुजवल प्रजापति
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें