मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महिलाओं को स्वावलंबी बनाया जा सके, इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पांच साल प्रधानमंत्री दीनदयाल उपाध्याय राष्ट्रीय आजीविका मिशन कार्यक्रम की शुरुआत की थी। उन्होंने कहा कि यदि डेयरी वैल्यू चैन परियोजना में स्वयं सेवी समूह थोड़ी सी मेहनत कर लें तो बुंदेलखंड की अन्ना प्रथा की कुप्रथा खत्म हो जाएगी। यहां दूध की नदियां बहेंगी। इससे रोजगार, नौकरी, अच्छा पशुधन मिलेगा फिर पैसे की कोई कमी नहीं होगी। उन्होंने यह बात पैरामेडिकल कॉलेज में बालिनी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड द्वारा संचालित डेयरी वैल्यू चैन परियोजना के शुभारंभ के दौरान कही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आजीविका मिशन से महिलाओं को आर्थिक मजबूती, आत्मनिर्भता व शोषण से मुक्ति दिलाने में सफलता मिली है। अच्छी बात है कि डेयरी वैल्यू चेन परियोजना की शुरुआत झांसी की रानी लक्ष्मीबाई की धरती से हो रही है। रानी ने ही कहा था कि मैं अपनी झांसी नहीं दूंगी। यह स्वावलंबन सम्मान का प्रतीक शब्द है।
योगी ने कहा कि आजीविका मिशन से महिला स्वयं समूह गठित करके बहुत बड़ा कार्य हो सकता है। सीएम ने कहा कि पैरामेडिकल कॉलेज में लगी प्रदर्शनी में स्वयं सेवी समूह की महिलाओं से बातचीत करने पर उन्होंने बताया कि 61 रुपये प्रति लीटर गाय का दूध बिका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि डेयरी वैल्यू चेन परियोजना में दूध की शुद्धता और फैट की मात्रा के अनुरूप राशि उपलब्ध कराने की व्यवस्था। दूध की गुणवत्ता के आधार पर 30 से 65 रुपये प्रति लीटर प्राप्त कर सकते हैं।
यदि समूह मेहनत कर लें तो बुंदेलखंड में दूध की नदियां बहेंगी। समारोह में ग्राम्य विकास मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री के मन में महिलाओं को जोड़कर गांव के विकास का संकल्प है। विभाग इस दिशा में तेजी से काम कर रहा है। इस दौरान जालौन सांसद भानू वर्मा, ग्राम्य विकास राज्यमंत्री आनंद शुक्ला, श्रम एवं सेवायोजन राज्यमंत्री मनोहर लाल पंथ, विधायक जवाहर लाल राजपूत, रवि शर्मा, राजीव सिंह पारीछा, बिहारी लाल आर्य, रामरतन कुशवाहा, मूलचंद्र निरंजन, नरेंद्र सिंह जादौन, आशीष अग्निहोत्री, जयदेव पुरोहित, विनोद नायक, मनमोहन गेड़ा, बालमुकुंद अग्रवाल मौजूद रहे।
गाय के गोबर से बन रही अगरबत्ती
प्रदर्शनी में स्वयं सेवा समूह की महिलाएं गाय के गोबर से बनी अगरबत्ती का स्टॉल भी लगाए थीं। मुख्यमंत्री ने स्टॉल का अवलोकन करने के बाद कहा कि गाय से ही हमारी पहचान है, इसके बिना जीवन की कल्पना नहीं कर सकते। गाय के गोबर से बनी अगरबत्ती को मंदिर में जला सकते हैं। इससे मच्छर व कीटाणु भी भगा सकते हैं। कोई केमिकल का इस्तेमाल नहीं होता है। इसके लाभ ही लाभ हैं।
नस्ल सुधार के लिए बनाई विशेष योजना
योगी ने कहा कि बुंदेलखंड को मद्देनजर रखते हुए गायों की नस्ल सुधार के लिए विशेष योजनाएं बनाई हैं। यहां 100, 200 ग्राम दूध देने वाली गाय नस्ल सुधरने के लिए चार से पांच लीटर दूध देने लगेंगी। बुंदेलखंड में इसकी व्यापक संभावनाएं हैं।
अगले महीने से घरों में पहुंचेगा शुद्ध पानी
नौ हजार करोड़ की पेयजल योजना का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी महीने से घर-घर में शुद्ध पेयजल पहुंचाने का काम शुरू कर दिया जाएगा। शुद्ध पेयजल से बीमारियां आधी हो जाएंगी। भले ही प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना के तहत लाभार्थी व उसके परिवार को पांच लाख रुपये तक का निशुल्क इलाज दिया जा रहा हो लेकिन हमारा प्रयास है कि लोगों को बीमारियां ही न हों।
समाज साथ खड़ा हो जाए तो रुके महिला उत्पीड़न
हैदराबाद और उन्नाव में बेटियों के साथ हुए अत्याचार, दरिंदगी का दर्द मुख्यमंत्री के भाषण में भी झलका। उन्होंने किसी भी घटना का जिक्र किए बगैर कहा कि महिला के खिलाफ अत्याचार और शोषण की घटनाएं रोकने के लिए यदि समाज खड़ा हो जाएगा तो ऐसी घटनाएं रुक जाएंगी। उन्होंने कहा कि गलत करने वाले के साथ कोई भी खड़ा नहीं होता है और न ही खड़ा होना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने सरकार की उपलब्धियां गिनाईं
- उज्ज्वला गैस सिलेंडर योजना उन माताओं को समर्पित है जिनके पास शुद्ध ईंधन नहीं था। वो खाना पकाने के लिए गोबर, लकड़ी केरोसिन पर निर्भर थीं।
- प्रधानमंत्री स्वच्छता योजना के तहत बने शौचालय न सिर्फ स्वच्छ वातावरण में मददगार हैं, बल्कि नारी गरिमा को सम्मान देने की भी पहल है।
- बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान शुरू होने से पूर्व कई क्षेत्रों में बालक-बालिकाओं का अनुपात विषम था, योजना के बाद से देश ने अच्छी प्रगति की है।
- मुख्यमंत्री कन्या सुमंगल योजना में जन्म से लेकर डिप्लोमा या डिग्री कोर्स शुरू होने तक सरकार 15000 रुपये का पैकेज बालिका के नाम पर जमा कर रही।
- मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत शादी के समय युवती को 51,000 रुपये दे रहे हैं। साल भर में अब तक 98,000 युवतियों के विवाह करा चुके हैं।
- खेल में अच्छा प्रदर्शन करने वाली महिला खिलाड़ियों को रानी लक्ष्मीबाई अवार्ड से सम्मानित कर रहे हैं। इसके तहत 3.11 लाख रुपये प्रोत्साहन राशि दी जा रही।