सीजेएम ईश्वरशरण कन्नौजिया ने सबूत के आधार पर विशाल को सात साल का कारावास और 1.75 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। जुर्माना अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
उप निबंधक कार्यालय में तैनात तत्कालीन लिपिक विशाल कुमार ने 2013 में 23 लाख की चालान राशि बैंक में जमा नहीं की थी। जांच में मामला उजागर होने के बाद नवाबाद थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। सीजेएम ईश्वरशरण कन्नौजिया ने सबूत के आधार पर विशाल को सात साल का कारावास और 1.75 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। जुर्माना अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
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पीओ नीरज सिंह ने बताया कि सीपरी बाजार के बैंकर्स कॉलोनी निवासी विशाल कुमार निबंधन कार्यालय में 2013 में लिपिक थे। कार्यालय में उन पर निबंधक शुल्क के रूप में होने वाली आय को चालान के माध्यम से जमा करने की जिम्मेदारी थी। कार्यालय के अधिकारियों ने कुछ चालानों का सत्यापन कराया तो पता चला कि कुछ धनराशि बैंक में जमा नहीं हुई है।
छानबीन में पता चला कि विशाल ने 23 लाख 26,585 रुपये का सरकारी गबन किया है। नवाबाद पुलिस ने मामला दर्ज करने के बाद कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अदालत ने आरोपी को दोषी पाते हुए सजा सुनाई।