झांसी। केंद्र सरकार के स्वच्छता सर्वेक्षण 2021 में अव्वल आने के लिए झांसी को कड़ी मशक्कत करनी होगी। महानगर में कूड़ा उठान और निस्तारण को लेकर चल रही बदहाल व्यवस्था निगम अधिकारियों के लिए चुनौती बन रही है। ऐसे में इस बार स्वच्छ सर्वेक्षण की राह आसान नहीं है। निगम के पास तैयारी के लिए महज डेढ़ महीने का वक्त है और लक्ष्य बड़ा है। आलम यह है कि महानगर में सफाई व्यवस्था बिगड़ चुकी है। ऐसे में निगम को स्वच्छ सर्वेक्षण में अव्वल आने के लिए पूरा जोर लगाना होगा।
बीते साल स्वच्छ सर्वेक्षण में झांसी 27वें नंबर और प्रदेश में दूसरे स्थान पर थी। अब जनवरी 2021 में फिर से स्वच्छ सर्वेक्षण शुरू होना है। निगम ने स्वच्छ सर्वेक्षण को लेकर तैयारी शुरू कर दी है। लेकिन डेढ़ महीने में लक्ष्य को पूरा करना चुनौती बन रहा है। आलम यह है कि महानगर में कूड़ा कलेक्शन व्यवस्था पूरी तरह से बदहाल है। घरों से कूड़ा लेना तो दूर, सार्वजनिक स्थानों से कूड़ा नहीं उठ रहा है। महानगर में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। इसके अलावा कूड़ा निस्तारण के इंतजाम भी नहीं हैं। हालांकि निगम ने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के तहत प्लांट निर्माण के लिए तैयारी की है। लेकिन जनवरी तक प्लांट शुरू होना तो दूर, बनना तक संभव नहीं है। वहीं इस बार सर्वेक्षण 6000 अंकों का है। इसमें 30 फ ीसद अंक सिटीजन फ ीडबैक के हैं। सर्वेक्षण टीमें कभी भी आ सकती हैं। तैयारियों के लिहाज से निगम के पास केवल डेढ़ माह बचा है।
इन कामों पर रहेगा फोकस
निगम ने कई बिंदुओं पर फोकस किया है। जिसके तहत सभी दुकानों पर कूड़ेदान रखना अनिवार्य किया जाएगा और कूड़ेदान में कूड़ा डालने को लोगों को बाध्य किया जाएगा। सड़क पर कूड़ा फेंकने पर जुर्माना वसूला जाएगा। नालों में कचरा और गोबर बहाने वालों पर कार्रवाई होगी। कूड़ा निस्तारण के लिए पहल की जाएगी। सफ ाई और डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन सुधारने का प्रयास किया जाएगा।
ये चुनौतियां बन सकती हैं बाधा
महानगर में अब तक कूड़ा कलेक्शन के लिए नई कंपनियों से अनुबंध नहीं हो सका है। शत-प्रतिशत घरों से डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन नहीं हो रहा है। यूजर चार्ज वसूली भी नहीं हो पा रही है। प्रतिदिन उत्सर्जित कूड़े के निस्तारण की व्यवस्था नहीं है।
गलत जानकारी देने पर कटेंगे अंक
स्वच्छ सर्वेक्षण-2021 में हुए नए बदलाव के तहत गलत जानकारी देने पर अंकों की कटौती होगी। सार्वजनिक और सामुदायिक शौचायलों व सेप्टिक टैंकों की जियो टैगिंग की जा रही है। सेटेलाइट के जरिए स्वच्छ सर्वेक्षण टीम इनकी जानकारी जुटा लेगी।
वर्जन
स्वच्छ सर्वेक्षण के निर्धारित मानकों को पूरा करने पर काम चल रहा है। जल्द ही बदलाव नजर आने लगेंगे। शहर की सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाएगा। शादाब असलम, अपर नगर आयुक्त