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रानी की शादी पर हुआ शास्त्रीय संगीत

Sun, 21 May 2017 01:43 AM IST
jhansi
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शास्त्रीय संगीत - फोटो : amarujala
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वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई और राजा गंगाधर राव की शादी की 175वीं सालगिरह के तीन दिवसीय समारोह के अंतिम दिन शनिवार को संगीत की महफिल सजी। रानी के विवाह स्थल प्राचीन गणेश मंदिर में में आयोजित अखिल भारतीय संगीत समारोह में ‘राष्ट्रीय संगीतज्ञ परिवार’ के कलाकारों ने शास्त्रीय संगीत की विभिन्न विधाओं की शानदार प्रस्तुति की।
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सुबह पहले सत्र की शुरुआत में गणेश संगीत विद्यालय के विद्यार्थियों ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। इसके बाद पटियाला से आए डा. कंवलजीत सिंह और अर्शप्रीत सिंह ने सबद गायन की शैली में भक्ति संगीत प्रस्तुत किया। डा. कंवलजीत सिंह ने गुरुवाणी और शास्त्रीय संगीत के संबंध पर भी प्रकाश डाला। इस दौरान एकल पखावज वादन दिल्ली के गौरव शंकर उपाध्याय ने किया। हारमोनियम पर संगत पं. देवेंद्र वर्मा ने दी। दिल्ली के जगजीत सिंह और रविशंकर सिंह ने युगल तबला वादन की प्रस्तुति दी। ग्वालियर के यश देवले और रविपाल की जोड़ी ने युगल शास्त्रीय गायन प्रस्तुत किया।
शाम को आखिरी सत्र में पहले गणेश संगीत विद्यालय के विद्यार्थियों ने एकल और युगल तबला वादन किया। इसके बाद सितार वादन अमृतसर के सुमित सिंह ‘पदम’ ने सितार वादन, दिल्ली के पं. अभिक सरकार ने सरोद वादन, आरा के विकास बक्शी ने कत्थन नृत्य, होशियारपुर के कुमार गौरव कोहली ने शास्त्रीय गायन की सुंदर प्रस्तुति दी। इसके अलावा देश के विभिन्न हिस्सों से आए कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियां दीं।
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कार्यक्रम में वरिष्ठ संगीताचार्य पं. कृष्णकांत झा को सम्मानित किया गया। राष्ट्रीय संगीतज्ञ परिवार के निदेशक पं. देवेंद्र वर्मा समेत अन्य कलाकारों को महाराष्ट्र गणेश मंदिर कमेटी ने सम्मानित किया।
इस अवसर पर गजानन खानवलकर, मनमोहन गेड़ा, राकेश पाठक, चिंतामणि धुलेकर, मोहन नेपाली, फूलचंद्र द्विवेदी, अनिल जोशी, सुरेश खेर, सुबोध भागवत, अनिल करंदीकर, राघव इंदापुरकर, पंकज देवधर मौजूद रहे। संचालन उज्ज्वल देवधर ने किया। आभार समीर भालेराव ने जताया।
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