झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में बीटेक छात्रों के बीच विवाद ने शुक्रवार को बड़ा रुख अख्तियार कर लिया। विश्वविद्यालय परिसर में करीब आधे घंटे तक दोनों पक्षों के बीच ईंट-पत्थर चले। सूचना पर पहुंची पुलिस को भी छात्रों ने चुनौती देने की कोशिश की। हालांकि, पुलिस के समता हॉस्टल में घुसने के बाद छात्रों की भीड़ तितर-बितर हो गई। विवाद की जड़ इंट्रोडक्शन के दौरान हुई बहस बताई जा रही है। बीयू अधिकारियों ने कई छात्रों से लिखित में बयान लिए हैं और आरोपियों का चिह्नीकरण जारी है।
गौरतलब है कि बृहस्पतिवार शाम बीयू के बीटेक के दो छात्रों को उनके साथ पढ़ने वाले कुछ छात्रों ने एसबीआई के पास घेरकर पीटा था। ईंट मारने से दोनों छात्रों का सिर फट गया था। इसी मामले में शुक्रवार को घायल छात्र के पक्ष के साथी आरोपी पक्ष के एक छात्र को क्लास से पकड़कर ले आए। लाइब्रेरी के पास पहुंचते ही उन्होंने छात्र की पिटाई शुरू कर दी। बाद में उसे समता हॉस्टल के अंदर ले गए। इसकी सूचना जब पकड़े गए छात्र के साथियों को लगी तो वह समता हॉस्टल के बाहर इकट्ठे हो गए। उनके समर्थन में लार्ड बुद्धा हॉस्टल के भी कुछ छात्र आ गए। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई। देखते ही देखते समता हॉस्टल के छात्रों ने ईंट-पत्थर चलाने शुरू कर दिए। पलटवार करते हुए दूसरे पक्ष ने भी समता हॉस्टल के छात्रों पर ईंट फेंकी। इससे विश्वविद्यालय में गहमागहमी का माहौल बन गया। ईंट पत्थर लगने से कुछ छात्रों को चोटें आ गईं।
सूचना पर पहुंची पुलिस को भी छात्रों ने मौके से चले जाने की चेतावनी दी। साहस दिखाते हुए पुलिस समता हॉस्टल में घुसी और भीड़ को तितर-बितर कर विवाद खत्म कराया। इसके बाद कुलानुशासक प्रो. एमएल मौर्या, प्रो. धीर सिंह समेत कई अधिकारियों ने समता व लार्ड बुद्धा हॉस्टल में जाकर छात्रों से पूछताछ कर आरोपियों की शिनाख्त का प्रयास किया। इस दौरान दोनों पक्षों के कई छात्रों ने शिकायती पत्र अधिकारियों को सौंपे हैं। शनिवार को सभी को इंजीनियरिंग विभाग में बुलाया गया है। सूत्रों की मानें तो करीब एक दर्जन छात्रों पर कार्रवाई की तलवार लटकी हुई है। वहीं, विश्वविद्यालय चौकी पुलिस ने भी दोनों पक्षों से तीन लोगों को पकड़ लिया है। बुंविवि चौकी पुलिस के अनुसार शाम के समय दोनों पक्षों में समझौता हो गया है।
इंट्रो से शुरू हुआ विवाद
इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्यूनिकेशन (ईसी) सेकेंड ईयर के छात्रों द्वारा समता हॉस्टल में रहने वाले फर्स्ट ईयर के छात्रों से इंट्रोडक्शन लेने के दौरान हुई बहस ने विवाद की नींव रखी है। छात्र बार-बार इंजीनियर्स डे पर होने वाले कार्यक्रम के मद्देनजर एक शिक्षक की परमिशन पर इंट्रो लेने की बात कह रहे हैं। सूत्रों की मानें तो ईसी प्रथम वर्ष के छात्रों ने जब अपने सीनियर की करतूतों को हॉस्टल में रहने वाले छात्रों को बताया तो उन्होंने ईसी द्वितीय वर्ष के छात्रों को इंट्रो न लेने की चेतावनी दी। इसी के बाद छात्र दो गुटों में बंट गए और शनिवार को समता हॉस्टल में रहने वाले दो छात्रों की पिटाई ने चिंगारी को आग में बदल दिया। बताया गया कि इंट्रो के लिए जूनियर पर दबाव बनाने में कुछ लड़कियों के भी नाम सामने आए हैं।
छात्र किया जा चुका हॉस्टल से निष्कासित
जिस छात्र को शुक्रवार को क्लास से पकड़कर समता के छात्र ले गए वह एक साल पूर्व हुए विवाद में लार्ड बुद्धा हॉस्टल से निष्कासित किया जा चुका है। इसके अलावा भी ईसी द्वितीय वर्ष का एक छात्र जो विवाद की जड़ से जुड़ा हुआ है वह भी पूर्व में हुई मारपीट की वारदात में संलिप्त रहा है। सूत्रों ने बताया कि बीयू प्रशासन द्वारा ठोस कार्रवाई नहीं करने पर अब छात्रों के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि वह परिसर में बवाल करने से नहीं हिचक रहे हैं।
अराजकता का अड्डा बने हॉस्टल
बीयू के हॉस्टल अराजकता का अड्डा बन गए हैं। विवाद शांत होने के बाद जब बीयू अधिकारी समता हॉस्टल में पहुंचे तो उन्हें वहां काफी मात्रा में ईंट-पत्थर पड़े मिले, जिसे गार्डों द्वारा बाहर फिंकवाया गया। वहीं, सूत्रों ने बताया कि बीटेक विभाग की छत पर कुछ उपद्रवियों ने ईट-पत्थर छुपा रखे थे। मौके पर बीयू अधिकारियों को गार्डों ने बताया कि समता हॉस्टल में देर रात तक छात्र शराब पीकर आते हैं। रोकटोक करने पर अभद्रता करते हैं।