ललितपुर। संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने और प्रसूताओं को प्रसव के बाद आर्थिक सहायता देने के लिए संचालित जननी सुरक्षा योजना (जेएसवाई) के तहत भुगतान में देरी हो रही है। शासन स्तर से प्रसव के 24 से 48 घंटे के भीतर राशि खाते में भेजने का प्रावधान है, लेकिन जिले में कई प्रसूताएं कई दिनों से भुगतान का इंतजार कर रही हैं। विभागीय आंकड़ों के अनुसार एक अप्रैल से 20 सितंबर तक जिले में 9601 संस्थागत प्रसव हुए। इनमें 7697 माताओं को ही योजना की राशि मिल सकी है, जबकि 1904 माताओं का भुगतान अब तक लंबित है।
जननी सुरक्षा योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्र में प्रसव कराने वाली महिला को 1400 रुपये और शहरी क्षेत्र की महिला को 1000 रुपये की सहायता राशि सीधे बैंक खाते में भेजे जाने का प्रावधान है। इसका उद्देश्य प्रसव के बाद महिलाओं को खानपान और पौष्टिक आहार आदि के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है।
जखौरा और बिरधा में भुगतान की स्थिति सबसे खराब
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक सीएचसी जखौरा और बिरधा में जेएसवाई भुगतान की स्थिति जिले के अन्य स्वास्थ्य केंद्रों की तुलना में कम है। जखौरा में अब तक 71 फीसदी और बिरधा में 75 फीसदी माताओं को ही योजना का भुगतान हो सका है।वहीं मेडिकल कॉलेज में 84 फीसदी, सीएचसी मड़ावरा में 82 फीसदी और तालबेहट में 81 फीसदी माताओं को भुगतान किया जा चुका है। बार और महरौनी में 79-79 फीसदी भुगतान हुआ है।
यह है जनपद में ब्लॉकवार स्थिति
केंद्र
प्रसव जेएसवाई भुगतान
लंबित भुगतान
भुगतान प्रतिशत
मेडिकल कॉलेज
2915
2436
479
84
बार
1280
1016
264
79
बिरधा 946
713
233
75
जखौरा 689
490
199
71
महरौनी 983
779
204
79
मड़ावरा 1377
1126
251
82
तालबेहट 1411
1137
274
81
कुल
9601
7697
1904
80
-
जननी सुरक्षा योजना की राशि का भुगतान पोर्टल नहीं चलने के कारण नहीं हो पा रहा था। अब पोर्टल चल रहा है और भुगतान की प्रक्रिया जारी है। जल्द ही शतप्रतिशत भुगतान करा दिया जाएगा।
डॉ. वीरेंद्र सिंह, सीएमओ