संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। भीषण गर्मी में विद्युत आपूर्ति तंत्र हांफ रहा है। सामान्य दिनों की अपेक्षा इन दिनों बिजली की खपत दोगुनी हो गई है। वहीं, फॉल्ट-ट्रिपिंग की समस्या से जनता परेशान है। शहर में एक दिन में 28 लाख यूनिट बिजली की खपत हो रही है।
प्रचंड गर्मी का असर बिजली उपकेंद्रों पर देखने को मिल रहा है। वर्तमान में बिजली की मांग औसतन 230 मेगावाट प्रतिदिन पहुंच गई है। बिजली उपकरणों पर लोड बढ़ने से फाल्ट की समस्या बढ़ गई है। लगातार एसी, कूलर, पंखों के चलने के कारण बिजली की मांग बढ़ती जा रही है। उपकेंद्रों में लगे बड़े ट्रांसफॉर्मरों का तापमान 70 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच रहा है। ओवर हीटिंग के कारण शार्टसर्किट और अन्य तकनीकी फाल्ट आ रहे हैं।
पिछले वर्ष कुछ यूं हुई बिजली की मांग
सर्दियों में बिजली की खपत
माह खपत (शहर) खपत (जोन)
नवंबर (2024) 43 296
दिसंबर (2024) 44 284
जनवरी (2025) 47 311
मार्च 48 330
अप्रैल 68 310
मई 84 356
(खपत मिलियन यूनिट में दी गई है)
115 बिजलीघर के 570 फीडरों से हो रही 7.84 लाख उपभोक्ताओं को आपूर्ति
वर्तमान में झांसी जोन का पूरा बिजली ढांचा 115 बिजलीघरों पर टिका है। यहां से संचालित 570 फीडरों से 7 लाख 84 हजार घरों तक बिजली पहुंचाई जा रही है। कुछेक बिजलीघर को छोड़ दिया जाए तो ज्यादातर की स्थिति बेहद खस्ताहाल है। क्षमता वृद्धि, मशीनों की मरम्मत और लाइन रिपेयर के कार्य होने के बाद भी यहां की स्थिति में सुधार होता नहीं दिख रहा है।
वर्जन
शहर में बिजली की मांग जबरदस्त तरीके से बढ़ी हुई है। सामान्य दिनों की अपेक्षा दोगुनी खपत हो रही है। इसी के चलते सिस्टम ओवरलोड है। निगरानी की जा रही है। लोड बैलेंस का कार्य किया जा रहा है। कोशिश की जा रही है कि उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली मिले। - चंद्रजीत प्रसाद, अधीक्षण अभियंता, विद्युत वितरण मंडल, झांसी