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शहर की 21 हजार स्ट्रीट लाइटों में लगेगी एलईडी

Mon, 15 Jan 2018 01:14 AM IST
Jhansi
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LED Light - फोटो : demo
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आने वाले तीन से चार महीने में शहर भर की 21 हजार स्ट्रीट लाइट बदल जाएंगी और हेलोजन बल्ब की जगह एलईडी लग जाएंगी। इससे न केवल बिजली की बचत होगी, बल्कि नगर निगम का बिजली का बिल भी आधा खर्च होगा। ग्राउंड पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) के माध्यम से पता चल जाएगा कि कौन सी स्ट्रीट लाइट खराब है, उसे तत्काल सही कर दिया जाएगा। कमांड सेंटर बनने से पार्षदों को भी नगर निगम के चक्कर नहीं लगाने पडे़ंगे।
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एनर्जी इफीसियंसी सर्विस लिमिटेड (ईईएसएल) एलईडी बल्ब बनाती है। कंपनी का नगर निगम से कांट्रेक्ट हो गया है। कंपनी शहर में लगी सभी 21 हजार स्ट्रीट लाइट के बल्बों को बदलकर एलईडी लगाएगी। इससे न केवल बिजली का बिल आधा हो जाएगा, बल्कि मेंटीनेंस भी कंपनी की ओर से होगा। कंपनी अपना कमांड सेंटर बनाएगी तथा शहर में लगे सभी बिजली के खंभों पर नंबरिंग करेगी। कमांड सेंटर को ग्राउंड पोजिशिनिंग सिस्टम (जीपीएस) से जोड़ा जाएगा। इससे यह फायदा होगा कि जिस खंभे की लाइट खराब होगी, उसके बारे में कमांड सेंटर में जानकारी हो जाएगी कि फलां नंबर के खंभे की लाइट खराब है। कंपनी के कर्मचारी संबंधित स्ट्रीट लाइट को सही कर देंगे। इसका एक फायदा यह भी होगा कि पार्षदों को विभाग के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, क्योंकि कमांड सेंटर बनने से स्ट्रीट लाइट खराब होने की समस्या का समाधान हो जाएगा।
स्ट्रीट लाइट का प्रतिमाह का बिजली बिल करीब ढाई करोड़ रुपये आता है, लेकिन सभी स्ट्रीट लाइट एलईडी में बदल जाने से बिजली का बिल भी आधा आने लगेगा। एलईडी लगने से बिजली के बिल में जो बचत होगी, वह पैसा कंपनी को दिया जाएगा। क्योंकि, कंपनी जो एलईडी बदल रही है, उसका कोई भी खर्च कंपनी को नहीं देना पड़ रहा है।
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संविदा कर्मियों के भविष्य पर खतरा
नगर निगम के मार्ग प्रकाश विभाग के संविदा कर्मियों के भविष्य पर अंधेरे के बादल मंडरा रहे हैं। कांट्रेक्ट हो जाने के बाद अब कंपनी अपना काम बढ़ाएगी। धीरे-धीरे स्ट्रीट लाइटें बदल जाने के बाद विभाग में लगे संविदा कर्मचारियों का काम लगभग समाप्त हो जाएगा। क्योंकि, फिर स्ट्रीट लाइटें खराब होने की शिकायतें बहुत कम हो जाएंगी।

जगमग हो जाएगा शहर
एलईडी लाइट की रोशनी बहुत साफ होती है, जबकि हेलोजन बल्ब की रोशनी पीली होती है। सफेद रोशनी की जगमगाहट अलग ही नजर आती है। पूरे शहर की स्ट्रीट लाइट बदल जाने के बाद से शहर जगमग नजर आने लगेगा।

तीन से चार महीने लगेंगे
सभी स्ट्रीट लाइट बदलने में तीन से चार महीने लगेंगे। इससे न केवल बिजली की बचत होगी, बल्कि रोशनी भी क्लीयर होगी। स्ट्रीट लाइट खराब होने की शिकायतें भी बहुत कम हो जाएंगी।
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- अजय कुमार सक्सेना
सहायक अभियंता (विद्युत/ यांत्रिक)
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