भले ही स्वच्छ भारत अभियान की प्रक्रिया में सरकारी व गैर सरकारी संस्थाएं सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए जुटी हों, लेकिन नगर के विभिन्न क्षेत्रों में कूडे़ के ढेर कुछ और ही सच्चाई बयां कर रहे हैं।
डीएवी विद्यालय के सामने स्थित कूड़ा घर क ा कचरा क ंटेनर के अभाव में इधर-उधर छितरा हुआ है। सड़क पर बिखरी गंदगी एवं उसे निवाला बनाते आवारा जानवर लोगों के लिए समस्या बने हुए हैं। वहीं इससे संक्रामक बीमारियों की आशंका भी बढ़ गई है। स्थानीय निवासी अर्जुन के मुताबिक नगर निगम के कर्मचारियों द्वारा नियमित सही तरीके से सफाई नहीं की जाती है, वहीं कुछ लोग कचरा यहां-वहां डाल देते हैं, जिससे गंदगी पसरी रहती है।
दतिया गेट से पूर्व एक बालिका शिक्षण संस्था के सामने भी इसी तरह के हालत हैं। कंटेनर होने के बावजूद भी कचरा मुख्य मार्ग पर फैलने से जानवरों की मौजूदगी लोगों की परेशानी का सबब बने हुए हैं। इसी प्रकार गंदगी के ढेरों से नगर का सूजे खां खिड़की क्षेत्र, गनपत खिड़की सहित कई क्षेत्र हैं, जहां लोग प्रतिदिन गंदगी के अलावा उससे उत्पन्न समस्याओं से जूझ रहे हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक नगर निगम में कई बार शिकायत की गई लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है।