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अब होगा 62 गांवों का कायाकल्प

Mon, 04 Jul 2016 12:56 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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विकास सनाड्य
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झांसी। झांसी विकास प्राधिकरण की सीमा में शामिल 62 गांवों के कायाकल्प होगा। यहां शहर जैसी सुविधाएं मुहैया करवाई जाएंगी। इसी माह इन गांवों का सेटेलाइट सर्वे शुरू कर दिया जाएगा। इसके बाद नगर नियोजन विभाग इसकी महायोजना तैयार करेगा और फिर विकास कार्य शुरू हो जाएंगे।

मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार 27 सितंबर 2012 को झांसी आए अखिलेश यादव ने शहर से सटे आसपास के 62 गांवों को जेडीए में शामिल करने की घोषणा की थी, ताकि यह गांव भी शहरी विकास की मुख्यधारा से जुड़ सकें। लेकिन अभी तक धरातल पर विकास से यह गांव अब तक अछूते हैं। अब विधानसभा चुनाव सिर पर हैं तो इनकी फाइल फिर निकल आई है।
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इन गांवों के विकास की सुध ली जा रही है। शुरूआत सेटेलाइट सर्वे से हो रही है। इसके जरिये इन गांवों का मानचित्र तैयार किया जाएगा, जिसमें गांव भूमि का अलग-अलग उपयोग दर्ज होगा। मसलन, खेत, तालाब, नदी, नाला, नहर, सड़क, खाली जमीन, पेड़, खंभे आदि सभी सेटेलाइट सर्वे के माध्यम से मानचित्र पर आ जाएंगे। इसका स्थलीय सर्वे भी होगा। बाद में यह मानचित्र नगर नियोजन विभाग को दे दिया जाएगा। विभाग इन गांवों की महायोजना (मास्टर प्लान) तैयार करेगा, जिसके अनुसार इन गांवों का विकास किया जाएगा। 62 ग्रामों की 385 वर्ग किलोमीटर की भूमि का सेटेलाइट सर्वे इसी माह शुरू कर दिया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी जयपुर की एक कंपनी को सौंपी जा रही है। इस पर 23 लाख रुपये खर्च होंगे।

ये गांव हैं शामिल
-लक्ष्मनपुरा, वनगुवां, नौटक्षीर, कोलवा, बरेठी, फुटेरा बरुआसागर, हरपुरा, ताल रमन्ना, घुघुवा, चिपलौटा, दानीपुरा, बड़ागांव क्षेत्र के दौन, दुनारा, सुजाटा, भूपनगर, बचावली खुर्द, बचावली बुजुर्ग, बड़ागांव, तौरबराटा, बराटा, पारीछा, रिछौरा, मथनपुरा- रमपुरा, मड़ोरा, गढ़मऊ, पठेश्वर, आरी, बेहटा, भरारी, लकारा, रूंदकरारी, रौनीजा, अंबाबाय, चंद्रा, कलोथरा, सारमऊ, सिमरा, गेवरा, रक्साक्षेत्र के पुनावली कलां, डोमागोर, ढिकौली, कोटखेरा, रक्सा, डगरवाहा, पठारी, डोंगरी, गुढ़ा, रमपुरा, मठ, बाजना, बमेर, राजापुर, गागौनी, बरुआपुरा, मुरारी, चमरुआ, किल्चवारा खुर्द, किल्चवारा बुजुर्ग, बैदोरा, खजराहा खुर्द और खजराहा बुजुर्ग को शामिल किया गया है।
 
अब तक यह हुआ
- 27 सितंबर 2012 को मुख्यमंत्री ने की घोषणा
- 23 अक्तूबर 2013 को जारी हुआ शासनादेश
- 26 नवंबर 2013 को सरकारी गजट का प्रकाशन

यह मिलेंगी सुविधाएं
- उपलब्ध भूमि को व्यावसायिक, आवासीय, कृषि आदि में अलग - अलग बांटा जाएगा। इसके अलावा इन गांवों में पक्की सड़क, नालियां, पार्क आदि समेत अन्य बुनियादी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। साथ ही यहां आवासीय परियोजना भी विकसित की होंगी।

- बोझ भी बढ़ेगा
महायोजना बन जाने के बाद उक्त गांवों में होने वाले भवन निर्माण के मानचित्र जेडीए से स्वीकृत कराना होंगे। इसके लिए उन्हें संबंधित संपत्ति का तहसील से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना होगा, भूमि की रजिस्ट्री व अन्य दस्तावेज, भूमि की चौहद्दी की फोटो तथा नक्शे की पांच प्रतियां जेडीए कार्यालय में जमा करनी होंगी। यहां स्वीकृति मिलने पर संबंधित से जेडीए द्वारा विकास शुल्क वसूला जाएगा।
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‘जेडीएम सीमा में शामिल 62 गांवों का इसी माह सेटेलाइट सर्वे शुरू हो जाएगा। इसकी औपचारिकताएं पूरी कर ली गईं हैं। इसके बाद इन गांवों के सुनियोजित विकास की रूपरेखा तय होगी।’
- आर के वर्मा, सहायक अभियंता - जेडीए

मुख्यमंत्री की अन्य घोषणाओं का रिपोर्ट कार्ड
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- सीपरी बाजार व मऊरानीपुर ओवरब्रिज निर्माण अधूरा
- मेडिकल कालेज में 500 बेड अस्पताल का निर्माण अधूरा
- नारायण बाग का सुंदरीकरण हुआ
- लक्ष्मी ताल के सुंदरीकरण का काम शुरू भी नहीं
- ध्यानचंद स्टेडियम में एस्ट्रोटर्फ का काम पूरा
- दिगारा - भगवंतपुरा बाईपास का निर्माण पूरा
- गढ़मऊ झील का सुंदरीकरण धन की कमी से अटका
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