झांसी। जालौन में पंचायत चुनाव के मतदान के चलते जनपद का सत्तर फीसदी फोर्स वहां भेज दिया गया। इस वजह से तमाम थानों में सिर्फ थानेदार ही बचे रह गए। कई जगह सिर्फ हमराह और थानेदार ही बचे रहे। कई थानेदारों को पीआरडी जवानों के भरोसे काम चलाना पड़ा।
निकटवर्ती जालौन में सोमवार को मतदान हुआ। इसको देखते हुए शनिवार से ही फोर्स की रवानगी शुरू हो गई थी। झांसी से करीब 75 फीसदी फोर्स मांगा गया था लेकिन उपलब्धता के हिसाब से यहां से 70 फीसदी पुलिस बल ही भेजा गया। इस लिहाज से यहां से कुल 1545 पुलिसकर्मी जालौन भेजे गए लेकिन, इनके जाने से अधिकांश थाने पूरी तरह खाली हो गए। जनपद से पुलिस फोर्स के जाने के बाद शहर के थाने करीब खाली दिखाई पड़े। शहर का महत्वपूर्ण थाना नवाबाद में सिर्फ इंस्पेक्टर बचे। ड्राइवर के कोरोना संक्रमित हो जाने से वह अवकाश पर चला गया। इसके बाद पूरे थाने में अब इंस्पेक्टर समेत सिर्फ एक पुलिसकर्मी बचा। इसी तरह प्रेमनगर में भी इंस्पेक्टर समेत दो पुलिसकर्मी बचे। सीपरी बाजार थाने में इंस्पेक्टर एवं उनके ड्राइवर पर कानून-व्यवस्था संभालने का बोझ रहा। इंस्पेक्टर के आज कोरोना पॉजीटिव हो जाने से यह बोझ भी एक चौकी इंचार्ज पर आ गया। कोतवाली में भी इंस्पेक्टर एवं उनके हमराही ही बचे। यही हाल ग्रामीण इलाकों के थानों का भी है। कई थानों में सिर्फ थानेदार बचे। रक्सा, बबीना, बड़ागांव, मोंठ, चिरगांव, पूछ, समथर, मऊरानीपुर, कटेरा, लहचूरा, गरौठा आदि थानों से नब्बे फीसदी पुलिसकर्मियों को चुनावी ड्यूटी में भेज दिया गया। मतदान खत्म होने के बाद फोर्स अब मंगलवार शाम को ही वापस यहां आ सकेगा।