फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jhansi News: रेल अस्पताल में बच्चा वार्ड बंद, बच्चों का नहीं हो पा रहा इलाज

विज्ञापन
विज्ञापन
झांसी। नॉर्थ सेंट्रल रेलवे इम्प्लाईज संघ (एनसीआरईएस) ने रेलकर्मियों की समस्याओं को उठाया है। ये मुद्दे 30 सितंबर और एक अक्तूबर को हुई 28वीं मंडलीय स्थायी वार्ता तंत्र (पीएनएम) की सभा में उठाए गए। बैठक डीआरएम सभाकक्ष में आयोजित की गई थी।
विज्ञापन

संघ के मंडल सचिव गौरव श्रीवास्तव ने मंडल रेल चिकित्सालय में बच्चा वार्ड बंद होने पर आपत्ति जताई। उन्होंने बताया कि बच्चों के डॉक्टर की कमी के कारण यह वार्ड कई वर्षों से बंद है। इससे रेलकर्मियों के बच्चों का समय पर इलाज नहीं हो पा रहा है। नवजात शिशुओं को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गौरव श्रीवास्तव ने डीआरएम के समक्ष रेलकर्मियों में फैल रहे रोष की जानकारी दी। उन्होंने तत्काल उचित निर्णय लेने का प्रस्ताव भी रखा। डीआरएम ने इस मामले में सकारात्मक निर्णय लेने का आश्वासन दिया है।
कर्मचारियों की अन्य मांगें
मंडल सचिव ने शीतकालीन गश्त को 16 से घटाकर 12 किलोमीटर करने की मांग की। उन्होंने इंजीनियरिंग विभाग के हेल्पर वर्ग को बकाया ड्रेस भत्ते और एरियर के शीघ्र भुगतान पर जोर दिया। आवासीय कॉलोनियों में जलापूर्ति की समस्या हल करने को भी कहा गया। रेल आवासों की सुरक्षा हेतु चार फीट बाउंड्री वॉल बनाने की बात रखी गई।
विज्ञापन

चिकित्सा और स्टाफ से जुड़े मुद्दे
छत पर टीन शेड लगाकर लीकेज की स्थायी रोकथाम का मुद्दा भी उठाया गया। मरीजों को रात्रि पाली में बाहर रेफर करने की प्रक्रिया सुगम बनाने की मांग की गई। अस्पताल में हेल्प डेस्क का निर्माण और लंबित मेडिकल बोर्ड का प्रतिदिन निस्तारण करने को कहा गया। पॉइंट्समैन के रिक्त 388 पदों को शीघ्र भरने समेत अन्य मुद्दों को भी अफसरों के समक्ष रखा गया। सभा में पीएनएम अध्यक्ष और एडीआरएम/इन्फ्रा प्रेम प्रकाश शर्मा, एडीआरएम/परिचालन नंदीश शुक्ल, सहित एनसीआरईएस के महेंद्र सेन, अशोक कुमार त्रिपाठी, इमरान बेग, प्रिंसी सिंह तोमर, संजीव नायक, गौरव श्रीवस्तव, नरेंद्र त्रिपाठी, राघवेंद्र तिवारी, मधुर पांडेय, केएस शुक्ला समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें