झांसी। विद्यार्थियों के फर्जी नामांकन पर शासन ने लगाम लगाने की तैयारियां कर ली है। इसके लिए चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम बनाया गया है। यानि अब प्रत्येक विद्यार्थी की ऑनलाइन आईडी बनेगी, जिसमें 35 बिंदुओं पर विद्यार्थी का संपूर्ण व्यक्तिगत और शैक्षिक विवरण अपलोड़ होगा। इसमें आधार कार्ड भी लिंक होगा।
उल्लेखनीय है कि शासन की योजनाओं पाठ्य पुस्तकों, यूनीफार्म, छात्र वृत्ति वितरण आदि का लाभ पाने के लिए कई विद्यालय फर्जी तरीके से विद्यार्थियों का नामांकन कर लेते है। योजनाओं के लाभ में पारदर्शिता आए, इसके लिए शासन ने सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत कक्षा एक से 12 तक के सभी बोर्डों के विद्यार्थियों का शैक्षिक रिकार्ड समूचे विवरण के साथ यू - डायस के जरिए ऑन लाइन करने का निर्णय लिया है। जिसे आधार कार्ड से भी जोड़ा जाएगा।
सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत मैनेजमेंट इन्फॉरमेशन सिस्टम के इंचार्ज संजीव मेहरा के मुताबिक चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम से पता चल सकेगा कि देश में कौन बच्चा कहा पढ़ रहा है। उनके अनुसार भारत सरकार की स्टूडेंट. यू डायस . इन में विद्यार्थी का 35 बिंदुओं पर सूचना अपलोड़ होगी। इसके लिए बीते 14 व 15 सितंबर को सभी एनपीआरसी पर विद्यालयों के लिए प्रपत्र पहुंचा दिए गए है और प्रधानाध्यापकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। नगर क्षेत्र व मोंठ में हेड मास्टरों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। चिरगांव में 23 को, मऊरानीपुर में 24 को, नगर क्षेत्र झांसी के निजी स्कूलों के लिए 26 को, बंगरा में 27, गुरसंराय व बामौर में 28 को, बबीना में 29 तथा बड़ागांव में 5 अक्टूबर को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
नामांकन संख्या भी बतानी होगी
35 बिंदुओं वाले विद्यार्थी के डॉटा में उसके माता - पिता का नाम तो दर्ज होगा ही, इसके अलावा विद्यालय में दर्ज नामांकन संख्या, नामांकन की तिथि, पढ़ाई का माध्यम, किस कक्षा में अध्ययनरत, क्या बाल शिक्षा अधिकार के तहत निजी विद्यालय में नि:शुल्क शिक्षा प्राप्त कर रहा है, क्या अभिवंचित समूह वर्ग का है, परीक्षाओं में मौजूदगी प्रतिशत, विद्यार्थी के बैंक के शाखा का आईएफएससी कोड, जन्मतिथि आदि बिंदु भी शामिल है।