संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। ऊधमपुर से चलकर दुर्ग की ओर जाने वाली ट्रेन 12550 में ग्वालियर स्टेशन पर सामान उतारने के चक्कर में सीट पर उसका डेढ़ साल का मासूम छूट गया। ट्रेन चलने पर महिला पीछे-पीछे दौड़ी, पर हताश होकर रोने लगी। इसकी सूचना ग्वालियर स्टेशन के कंट्रोल ने झांसी को दी। आरपीएफ ने बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया। बिछड़ने के घंटों बाद अपने बच्चे से 100 किमी दूर मिलने पर मां के आंसू रोके नहीं रुके।
आरपीएफ इंस्पेक्टर रविंद्र कौशिक ने बताया कि उन्हें ट्रेन 12550 में डेढ़ साल के बच्चे के मां से बिछड़ जाने की सूचना मिली थी। आरपीएफ के जवान ट्रेन आने पर कोच में पहुंचे और बच्चे को अपनी सुपुर्दगी में लिया। चाइल्ड लाइन को भी सूचित किया। बच्चे के मिलने की सूचना ग्वालियर स्टेशन भेजी गई। ग्वालियर रेलवे स्टाफ की मदद से महिला को ट्रेन 12191 निजामुद्दीन-जबलपुर सुपरफास्ट में बैठा दिया गया। झांसी स्टेशन पहुंचने पर मां ने आरपीएफ से संपर्क किया। आरपीएफ ने बच्चे को उसकी मां के सुपुर्द कर दिया। अपने बच्चे को गोद में लेते ही मां नम आंखों से उसे चूमने लगी।
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बच्चे को महिला कांस्टेबल दुलारती रहीं
बच्चे की मां रात 11 बजे झांसी स्टेशन पहुंची। आरपीएफ पोस्ट पर पहुंचने पर उन्होंने देखा कि उनका बच्चा महिला कांस्टेबल की गोद में आराम से खेल रहा था। अन्य महिला कांस्टेबल बच्चे को दुलार रही थीं तो कभी उसके रोने पर उसे चुप करा रहे थे। इंस्पेक्टर ने बच्चे के लिए दूध और बोतल का प्रबंध किया।
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आरपीएफ ने 252 बच्चों के चेहरे पर लौटाई मुस्कान
अपने परिवार से बिछड़े बच्चों को मिलाने के लिए आरपीएफ द्वारा ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते चलाया जा रहा है। इसके तहत आरपीएफ झांसी रेल मंडल ने वित्तीय वर्ष 2024- 25 में 252 बच्चों को उनके परिवारों से मिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इनमें 154 बालक और 98 बालिका शामिल हैं। ये बच्चे विभिन्न कारणों से अपने परिवारों से अलग हो गए थे।