झांसी। कोरोना वायरस से बचाव के लिए लॉकडाउन है। ऐसे में जरूरतमंद परिवारों के समक्ष रोटी का संकट न आए इसके लिए प्रशासन के साथ ही समाज सेवी व धार्मिक संस्थाएं जुटी हुई हैं। उनके इस कार्य में आर्थिक सहयोग देने के लिए कई बच्चों ने अपनी गुल्लक तोड़ दी है। अब तक की बचत किए धन को जरूरतमंदों के भोजन एवं आवश्यक सामग्री के वितरण में लगा रहे हैं। ताकि कोई इस आपदा के समय में भूखा न सोए और न ही परेशान हो।
नारायण बाग निवासी भाई बहन राजवंश कंचन व गौरी कंचन ने अपनी मिट्टी की गुल्लक तोड़ कर उसमें बचत किए हुए 800 रुपये प्रधानमंत्री राहत कोष में जमा करने का संकल्प लिया। इन बच्चों के अनुसार वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील से काफी प्रभावित हुए हैं।
ओम शांति नगर निवासी वरुण अग्रवाल ने 11 हजार रुपये और उनकी बहन शिल्पी ने 5100 रुपये, जो उनकी बचत के थे। जरूरतमंद लोगों के भोजन एवं अन्य आवश्यक सामग्री में खर्च करने का संकल्प लिया।
बाहर लक्ष्मी गेट निवासी गुंजन अग्रवाल, ओजस अग्रवाल और निक्की गुप्ता ने अपनी गुल्लक फोड़ कर 13 हजार रुपये की जमा पूंजी एकत्रित की। यह धनराशि वह जरूरतमंद लोगों की सहायता में लगाएंगी। उनके अनुसार यह बेहद पुण्य वाला कार्य है।
लक्ष्मी गेट निवासी परी अग्रवाल और आराध्य गर्ग भी समाज सेवा के कार्य में सभी के साथ जुटे हुए हैं। इन बच्चों ने अपनी गुल्लक तोड़ कर 450 रुपये एकत्रित किए, जो वह जरूरतमंद को प्रदान करेंगे। इन बच्चों के अनुसार यह कार्य करके उन्हें बहुत अच्छा लग रहा है।
बंगला घाट के जागरूक बच्चे भी जरूरत मंद परिवारों को सहयोग देने में व्यापक रूप से आगे हैं। जायरा व गजल खान ने 13 हजार रुपये और सिजा व जैद ने गुल्लक में एकत्रित आठ हजार रुपये जरूरतमंद लोगों की मदद में देने का संकल्प लिया।