झांसी। मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी ने विकास भवन में करीब डेढ़ घंटे तक बंद कमरे में कोविड 19 की रोकथाम के लिए समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने झांसी में मौत की लगातार बढ़ रही संख्या पर चिंता जताई। मुख्य सचिव ने कहा कोविड-19 से निपटना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
मुख्य सचिव ने कोविड मरीजों की मौत की बढ़ती संख्या देखकर चिंता जताई और इसके लिए जिम्मेदारी तय करने की बात कही। उन्होंने कहा कि झांसी में मौत के मामले बढ़ना गंभीर विषय है। मुख्यमंत्री लगातार मॉनीटरिंग कर रहे हैं। सरकारी अस्पतालों हर हाल में समय से बेहतर इलाज मिले। यह सुनिश्चित कराना अफसरों का काम है। लापरवाही होने पर उन पर सख्त कार्रवाई होगी।
उन्होंने अफसरों से कहा कि आईएमए एवं नर्सिग होम से बात की जाए कि जब सांस टूट रही हो तभी मेडिकल कॉलेज रेफर न करें। ऐसे मामले सामने आने पर सबकी जिम्मेदारी तय की जाएगी। उन्होंने 1 जुलाई से लेकर अब तक हुई मौत का ब्योरा भी लिया। मुख्य सचिव ने मास्क न लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई के बारे में भी पूछा। मुख्य सचिव ने कहा, कोविड खतरनाक नहीं बल्कि, ऐसी बीमारी है जिसमें बचा जा सकता है। व्यक्ति में अगर क्षमता है तब वह स्वयं सुरक्षित रह सकता है।
लगातार बढ़ते मामले और रोकथाम न हो पाने के चलते ही मुख्य सचिव को यहां बिना विस्तृत कार्यक्रम तय हुए आना पड़ा। प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक मुख्य सचिव को कुछ दिन पहले आना था लेकिन, वह स्थगित हो गया। उसके बाद कार्यक्रम तय नहीं हुआ था लेकिन लगातार बढ़ते मामलों की वजह से चौबीस घंटे के भीतर उनका आनन-फानन में कार्यक्रम तय हुआ। उसके बाद दोपहर करीब सवा एक बजे वह राजकीय विमान से यहां पहुंचे। समीक्षा बैठक में अपर मुख्य सचिव अमित मोहन प्रसाद, मंडलायुक्त सुभाष चंद्र शर्मा, जिलाधिकारी आंद्रा वामसी, एसएसपी डी.प्रदीप कुमार, सीडीओ शैलेष कुमार, नगर आयुक्त अवनीश राय समेत अन्य वरिष्ठ अफसर मौजूद थे।
स्टैटिट बूथों की संख्या बढ़ाएं ताकि लोग आसानी से करा सकें जांच
झांसी। मुख्य सचिव ने स्टैटिक बूथ की संख्या भी बढ़ाने की जरूरत बताई। इसकी मदद से आम लोग आसानी से टेस्ट करा सकें। लैब टेक्नीशियन की कमी के सवाल पर मुख्य सचिव ने निजी कॉलेजों से मदद लेने को कहा। कहा नई गाइड लाइन में कंटेनमेंट जोन निर्धारण में परिवर्तन किया गया है। इसके अनुसार 24 घंटे में हाउस-टू-हाउस सर्वे किया जाए। डेटा फीडिंग तत्काल की जाए। उन्होंने मौजूदा कंटेनमेंट जोन में तत्काल से यह काम शुरू कराने को कहा। अनुपस्थित चल रहे स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। एल-वन अस्पतालों में ऑक्सीजन सिलेंडर एवं वेंटीलेटर की उपलब्धता को लेकर उन्होंने अफसरों से जानकारी ली। मुख्य सचिव ने होम आइसोलेशन को प्रोत्साहित करने की भी बात कही। अधिकारियों ने बताया कि शहर के आठ होटलों में यह शुल्क के साथ यह सहूलियत उपलब्ध कराई गई है।
डॉक्टरों के कमरे में गंदगी, बिफरे मुख्य सचिव
समीक्षा बैठक के बाद मुख्य सचिव लाव-लश्कर संग जिला अस्पताल पहुंचे लेकिन, यहां सफाई व्यवस्था से वह संतुष्ट नजर नहीं आए। डॉक्टरों के कमरों में ही काफी गंदगी दिखाई पड़ी। यह देख मुख्य सचिव भड़क उठे। वहां मौजूद अफसरों को फटकार लगाते हुए कहाकि जब डॉक्टरों के कमरों में ही साफ-सफाई नहीं तब अस्पताल में सफाई की उम्मीद कैसे की जा सकती है। मुख्य सचिव को नाराज देखकर अफसरों केचेहरों पर हवाईयां उड़ने लगीं। वहीं पास में ही एक महिला इलाज के इंतजार में बैठी थी। मुख्य सचिव ने उससे बात की और स्ट्रेचर मंगवाकर उसे अंदर भिजवाया। इसके बाद वह प्लास्टर कक्ष में पहुंचे। यहां मरीज काफी देर से इंतजार कर रहा था। यह सुनकर मुख्य सचिव ने नाराजगी जताते हुए डॉक्टरों को समय पर उपचार मुहैया कराने को कहा। मुख्य सचिव ने अन्य मरीजों से बात करके स्वास्थ्य सहूलियतों के बारे में पूछा।
कांटैक्ट ट्रेसिंग पर डीएम की थपथपाई पीठ
मुख्य सचिव ने झांसी में कांटैक्ट ट्रेसिंग में तेजी दिखाने पर जिलाधिकारी की पीठ भी थपथपाई। कहा, यहां कांटैक्ट ट्रेसिंग का काम अच्छी तरह से हो रहा है। इसी तरह इसे आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने इसके साथ डाटा फीडिंग भी नियमित करने की बात कही।