झांसी। सीएमओ डॉ. सुशीला प्रकाश और अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एनके व स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी डॉ. विजयश्री शुक्ला ने गुणवत्ता जांचने के लिए केंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान कम्यूनिटी हेल्थ ऑफीसर व एएनएम अनुपस्थित मिले, जिनका एक दिन का वेतन काटने के साथ ही चेतावनी दी गई।
आयुष्मान भारत योजना के तहत स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर स्वास्थ्य सुविधाओं को दुरुस्त रखने के लिए विकास खंड बड़ागांव के समस्त 30 स्वास्थ्य उपकेंद्रों को अरोग्य केंद्र के रूप में उच्चीकृत किया गया था, जिनका तीनों अधिकारियों ने 22 मई को निरीक्षण किया और वहां पर अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही पकड़ में आई। अधिकारियों ने सबसे पहले आरोग्य केंद्र दिगारा का निरीक्षण किया, जहां कम्यूनिटी हेल्थ आफीसर देवेंद्र कुमार व एएनएम सिया दुबे मौजूद मिले। दस्तावेज जांचने पर पाया कि आरोग्य केंद्र पर सीएचओ द्वारा 30 वर्ष आयु वर्ग से ऊपर के 410 महिलाओं और पुरुष का एनरोलमेंट व 350 की स्क्रीनिंग का कार्य किया गया।
इसके बाद बराठा व परीक्षा थर्मल का निरीक्षण किया। दोनों केंद्रों पर ताला बंद पाया गया। व आरोग्य केंद्र पर कार्यरत कम्यूनिटी हेल्थ ऑफीसर व एएनएम अनुपस्ति मिले। साथ ही पारीछा का भी निरीक्षण किया जहां कम्यूनिटी हेल्थ ऑफीसर सोनवीर सिंह व एएनएम रानी शुक्ला मौजूद मिलीं। केंद्र पर सीएचओ द्वारा 30 वर्ष की आयु से ऊपर के 391 महिला व पुरुष का एनरोलमेंट व 102 की स्क्रीनिंग का कार्य किया गया। इसके अलावा इस क्षेत्र के सात मधुमेह व उक्त रक्तचाप के ग्रसित मरीजों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बड़ागांव चिकित्सा उपचार के लिए संदर्भित किया गया। सीएमओ ने अनुपस्थित मिले कम्यूनिटी हेल्थ ऑफीसर व एएनएम का एक दिन का वेतन काटने के साथ ही स्पष्टीकरण देने के निर्देश अधीक्षक बड़ागांव को दिए।