झांसी। शुक्रवार की रात चंद्रग्रहण रहा। लेकिन सूतक नहीं लगा। मंदिरों के पट खुले रहे। विधिवत पूजा अर्चना के बाद भगवान का रात में निर्धारित समय पर शयन कराया गया। श्री सिद्धेश्वर मंदिर, गोपीनाथ जी के मंदिर, कुंज बिहारी मंदिर सहित अन्य सभी मंदिरों में पूजा अर्चना शाम को भी हुई।
आचार्य हरीओम पाठक ने बताया कि चंद्रग्रहण है, लेकिन इस पर बुध ग्रह की परछाई पड़ रही है। इसलिए धरती पर इसका असर नहीं है। ज्योतिष में इस ग्रहण का कोई प्रभाव नहीं है। पृथ्वी जब सूर्य, चंद्रमा के मध्य आती है, तब राहु का ग्रसित काल यानि ग्रहण कहलाता है। उनके अनुसार श्री सिद्धेश्वर मंदिर में शाम को पट खोले गए और पूजा अर्चना हुई। इधर गोपीनाथ जी मंदिर और कुंज बिहारी मंदिर में भी शाम को पूजा अर्चना और रात में आरती हुई। चंद्र ग्रहण रात 10:30 बजे से मध्य रात 2:40 तक रहा। जिसे देखने के लिए लोग छतों पर भी पहुंचे। यह ग्रहण भारत समेत दुनिया के कई देशों में देखा गया है।