दीक्षांत समारोह के मंच से केवल समता हॉस्टल में खाना बनने पर जताई आपत्ति, सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने और जनरेटर चालू करने के दिए निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। दीक्षांत समारोह से पहले बुंदेलखंड विश्वविद्यालय प्रशासन ने खामियां दूर करने के लिए खूब कवायद की लेकिन कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल के सामने व्यवस्थाओं की हकीकत छिप नहीं सकी। उन्होंने मंच से विश्वविद्यालय की व्यवस्थाओं की एक-एक खामी गिनाते हुए सुधार के निर्देश दिए। छात्रावासों में भोजन की गुणवत्ता, गंदगी, वॉशिंग मशीनों की कमी से लेकर जनरेटर बंद होने और विद्यार्थियों को लिफ्ट का इस्तेमाल न करने देने पर उन्होंने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि खामियों को दूर कर विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
कुलाधिपति ने कहा कि छात्राओं के केवल समता हॉस्टल में खाना बनता है और यहीं से पांच अन्य छात्रावासों में भोजन भेजा जाता है। इन छात्रावासों में खाने की गुणवत्ता को लेकर सबसे अधिक शिकायतें मिली हैं। व्यवस्था में सुधार किया जाए। उन्होंने हॉस्टलों और परिसर में सफाई व्यवस्था पर भी नाराजगी जताई। कहा कि हॉस्टल की मेस के पीछे, फार्मेसी विभाग के पास, परीक्षा भवन के पीछे, कैफेटेरिया और पार्किंग के आसपास काफी गंदगी है। स्टाफ कॉलोनी में भी सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने की जरूरत है।
जनरेटर हैं, मगर चलते नहीं
कुलाधिपति ने कहा कि विश्वविद्यालय के विभागों में जनरेटर तो लगे हैं, मगर उनका इस्तेमाल नहीं हो रहा है। इन्हें चालू किया जाए, ताकि जरूरत के समय इनका सदुपयोग हो सके। उन्होंने बताया कि एक साल पहले कबाड़ की नीलामी की गई थी लेकिन फिर से कबाड़ एकत्र हो गया है। इसकी नियमित सफाई और निस्तारण कराया जाए।
तीन-चार मंजिल के लिए लिफ्ट जरूरी
आर्किटेक्ट की चार मंजिला इमारत में लिफ्ट होने के बावजूद विद्यार्थियों को इसका इस्तेमाल नहीं करने देने पर कुलाधिपति ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि दो मंजिल तक जाने के लिए विद्यार्थियों को सीढ़ियों का इस्तेमाल करने के लिए कहा जा सकता है लेकिन तीन-चार मंजिल तक जाने के लिए लिफ्ट के इस्तेमाल पर रोक लगाना गलत है। विद्यार्थियों को इतनी ऊंचाई तक आने-जाने में परेशानी होना स्वाभाविक है। उन्होंने कुलपति से कहा कि विश्वविद्यालय में नए प्रशासनिक ब्लॉक का निर्माण हो रहा है। ऐसे में अभी से तय कर लिया जाए कि पुराने प्रशासनिक भवन का किस तरह उपयोग किया जाएगा।
‘अर्न व्हाइल लर्न’ को मिले बढ़ावा
आनंदीबेन पटेल ने विश्वविद्यालय में ‘अर्न व्हाइल लर्न’ जैसी योजनाओं को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इससे विद्यार्थी पढ़ाई के साथ अपने कौशल का उपयोग कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकेंगे। विश्वविद्यालय की पेटेंट संबंधी उपलब्धियों की सराहना करते हुए उन्होंने नवाचार को और प्रोत्साहित करने की जरूरत बताई।
रक्षा क्षेत्र के अनुरूप तैयार हों पाठ्यक्रम
कुलाधिपति ने कहा कि झांसी के आसपास रक्षा क्षेत्र से संबंधित संस्थान और उद्योग विकसित हो रहे हैं। ऐसे में बुंदेलखंड विश्वविद्यालय को रक्षा क्षेत्र की जरूरतों के अनुरूप पाठ्यक्रम तैयार करने चाहिए, ताकि विद्यार्थी आवश्यक कौशल हासिल कर रोजगार के लिए तैयार हो सकें
34,947 डिग्रियां डिजिलॉकर पर अपलोड
कुलाधिपति ने एक बटन दबाकर 34,947 विद्यार्थियों की डिग्रियां डिजिलॉकर पर अपलोड कीं। इनमें स्नातक की 29,919, परास्नातक की 4,945 और पीएचडी की 83 डिग्रियां शामिल हैं।
एआई ट्यूटर ‘द्रोणा’ का शुभारंभ
कुलाधिपति ने विश्वविद्यालय की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण किया और छात्र-छात्राओं की प्रदर्शनी व स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने ‘वॉल ऑफ फेम’, कृषि फार्म स्थित पॉली हाउस और फूड टेक्नोलॉजी भवन के विस्तारीकरण कार्य का लोकार्पण किया। इसके अलावा कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित शिक्षण को बढ़ावा देने के लिए एआई इनेबल्ड एजुकेशन ट्यूटर ‘द्रोणा’ का शुभारंभ किया।