झांसी। ब्लॉक प्रमुख चुनाव को दोनों दल विधानसभा चुनाव का रिर्हसल मानकर जुटे हुए थे। इनमें जीत हासिल करने के लिए भाजपा एवं सपा नेताओं ने पूरी ताकत झोंक रखी थी। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या कुछ दिनों पहले ही झांसी आकर जीत का लक्ष्य देकर गए थे। इसके बाद प्रदेश उपाध्यक्ष एवं बुंदेलखंड प्रभारी कमलावती यहां डेरा डाले रहीं। वहीं, सपा की चुनावी कमान पूर्व सांसद चंद्रपाल सिंह यादव ने संभाल रखी थी।
इस दौरान भाजपा नेताओं की सटीक व्यूह रचना का परिणाम रहा कि चिरगांव सीट उसके खाते में आ गई। इस जीत में विधायक रवि शर्मा की भूमिका अहम साबित हुई। सपा ने यहां से ब्लॉक चुनाव के अनुभवी रामनरेश यादव को उतारा। चुनाव के एलान से पहले सपा उम्मीदवार ने बीडीसी सदस्य जुटाने शुरू कर दिए, लेकिन नामांकन के बाद अचानक भाजपा फ्रंटफुट पर आ गई। इसकी कमान खुद विधायक रवि शर्मा ने संभाली। चिरगांव ब्लॉक के चालीस बीडीसी सदस्य को एकत्रित करके अयोध्यापुरी के पास स्थित एक मैरिज गार्डेन में पिछले दो दिनों से रखा गया था। इन सदस्यों को खुद विधायक रवि शर्मा मतदान आरंभ होने पर एक बस में बिठाकर चिरगांव ब्लॉक पहुंचे। इतने सदस्योें का समर्थन मिलते ही यहां की तस्वीर पलट गई। व्यूह रचना से एक ब्लॉक में कामयाबी मिली लेकिन, गरौठा विधायक जवाहर लाल राजपूत मोंठ ब्लॉक एवं बबीना विधायक राजीव सिंह पारीछा अपने गृह विधानसभा के बबीना ब्लॉक में पार्टी को जीत नहीं दिला सके हालांकि मऊरानीपुर विधायक बिहारीलाल आर्य अपनी पुत्री को ब्लॉक प्रमुख बनाने में कामयाब रहे।
इसी तरह सपा के रणनीतिकार पूर्व सांसद चंद्रपाल सिंह यादव को भी कामयाबी नहीं मिली। बड़ागांव एवं चिरगांव ब्लॉक के लिए सपा ने जीतोड़ कोशिश की। पूर्व सांसद के घर से 28 सदस्य एक साथ बस में भेजे गए लेकिन, फिर भी सपा के हाथ मायूसी आई। सपा को मोंठ ब्लॉक से कामयाबी जरूरी मिली लेकिन, इस जीत का शिल्पी एक पूर्व ब्लॉक प्रमुख बताए जा रहे हैं।