संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। रेल प्रशासन ने यात्री सुरक्षा के लिए कई ट्रेन के कोचों में सीसीटीवी कैमरे लगा दिए लेकिन हैरानी की बात यह कि किसी भी कैमरे के साथ डीवीआर नहीं लगा है। इस वजह से इन कैमरों के जरिये कोई भी रिकार्डिंग नहीं हो पा रही है। इसका खुलासा कुछ दिनों पहले जीआरपी की ओर से फुटेज मांगने के बाद हुआ। छिनैती के एक मामले की छानबीन के दौरान रेलवे से कैमरों की फुटेज मांगने पर उसने इसे उपलब्ध कराने से इन्कार कर दिया। रेलवे की ओर से बताया गया कि इन कैमरों में रिकार्डिंग की सुविधा उपलब्ध नहीं है। ऐसे में सीसीटीवी की उपयोगिता पर ही सवाल खड़े हो गए हैं।
सात दिसंबर को लखनऊ-भोपाल गरीब रथ एक्सप्रेस (12593) में सवार दो महिलाओं से कोच में सवार बदमाश पर्स छीनकर भाग निकला था। गरीब रथ में कोच के भीतर ही सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। वहीं, 28 अक्तूबर को उधना-रक्सौल एक्सप्रेस (05560) में सवार एक महिला का पर्स बदमाशों ने गायब कर दिया। पर्स में 25 हजार नकद, हीरे की अंगूठी, सोने की तीन अंगूठी, मंगलसूत्र, कान की झुमकी, एक व्हाइट गोल्ड सिटी, दो पायल सहित कई कीमती सामान था।
मामला दर्ज करने के बाद जीआरपी बदमाशों को तलाश रही है। जीआरपी को मालूम चला कि इन दोनों ट्रेन के भीतर कोच में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। जीआरपी ने इसकी फुटेज के लिए लखनऊ रेलवे एवं पूर्वी मध्य रेलवे (रक्सौल) से संपर्क किया लेकिन दोनों ही रेल मंडलों ने फुटेज उपलब्ध कराने से हाथ खड़े कर दिए। उनका कहना था कि सीसीटीवी कैमरे लगे हैं लेकिन इनमें डीवीआर नहीं है। इस वजह से किसी घटना को इसमें रिकॉर्ड नहीं किया जा सकता।
यह होता है डीवीआर
डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर (डीवीआर) एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है। यह सीसीटीवी कैमरों से आने वाले एनालॉग वीडियो सिग्नल को डिजिटल फॉर्मेट में बदलकर हार्ड ड्राइव या अन्य स्टोरेज डिवाइस में रिकॉर्ड करके सुरक्षित रखता है। सुरक्षित होने के बाद इसे आसानी से रिकॉर्डेड फार्मेट पर भी देखा जा सकता है। सीसीटीवी कैमरों से जुड़ा होने पर किसी भी घटना का सुरक्षा एजेंसी बारीकी से परीक्षण कर सकती हैं। इस डीवीआर की वजह से ही सीसीटीवी कैमरे उपयोगी होते हैं।
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लखनऊ-भोपाल गरीब रथ एक्सप्रेस में हुई वारदात के लिए रेलवे लखनऊ से संपर्क किया, लेकिन सीसीटीवी फुटेज नहीं मिले। बताया गया कि रिकार्डिंग के लिए डीवीआर नहीं है। यही जवाब उधना-रक्सौल की वारदात के बाद रक्सौल रेलवे से संपर्क करने पर मिला है। इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों व रेल अफसरों को देते हुए अब नए सिरे से बदमाशाें की तलाश की जा रही है।
रावेंद्र कुमार मिश्रा, जीआरपी प्रभारी, झांसी