फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सीसीटीवी कैमरों से बैरकों पर होगी सीधी नजर

विज्ञापन
police meating - फोटो : demo
विज्ञापन
कैदियों पर सीधी नजर रखने के लिए बैरकों में जल्द ही सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने की तैयारी है। कैदियों की हर गतिविधि पर नजर रखने व चाक - चौबंद सुरक्षा व्यवस्था के तहत यह कदम उठाया जा रहा है। जेल प्रशासन ने अस्सी कैमरे लगाने का प्रस्ताव बनाकर भेजा है। कैमरे लगने के स्थान चिह्नित कर लिए गए हैं। कैमरों से कैदी की पल - पल की जानकारी जेल प्रशासन को मिलती रहेगी।
विज्ञापन

जेलकर्मियों की मिलीभगत से सुरक्षा में सेंधमारी कर सलाखों के पीछे मौज करने वाले माफिया के दिन अब लदने वाले हैं। जेल में चल रहे इस गठजोड़ को तोड़ने के लिए शासन ने पहल की है। ऐसे बंदियों की मनमानी पर शासन - प्रशासन की सीधी निगाहें होंगी। बंदियों की मानीटरिंग सीधे लखनऊ से की जाएगी। शासन में बैठे में अधिकारी जेलों की हालत पर नजर रख सकेंगे। जेल की बैरकों में पचास सीसीटीवी कैमरे लगाने की तैयारी है। इन सीसीटीवी कैमरों को इंटरनेट के माध्यम से सीधे लखनऊ जेल मुख्यालय से जोड़ा जाएगा। वहां बैठे अफसर जेल की हर गतिविधियों पर मानीटरिंग करेंगे। लापरवाही उजागर होने पर सीधे जेलकर्मियों पर कार्रवाई होगी।
जेल में कोई चोरी के अपराध में तो कोई हत्या व बड़ी वारदात केे चलते सलाखों के पीछे पहुंचा है। बैरक से बाहर आने पर ही उन पर पैनी नजर रखी जाती है। जबकि, बैरक के अंदर पहुंचने के बाद उन पर नजर रख पाना मुश्किल हो जाता है। बैरकों के अंदर बंदी क्या कर रहें हैं, किस तरह की साजिश रच रहे हैं, किसी दूसरे बंदी पर अत्याचार तो नहीं कर रहे हैं। इन सब गतिविधियों पर नजर रख पाना टेढ़ी खीर है, लेकिन जल्द ही बैरकों में लगाए जाने वाले सीसीटीवी कैमरे इन सभी गतिविधियों को उजागर करते रहेंगे। इस योजना के तहत बैरकों के अंदर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। ये कैमरे बैरक में होने वाली हर गतिविधि को कैद करके कंट्रोल रूम में रिकार्ड करेंगे। कंट्रोल रूम में मौजूद अधिकारी एक ही कमरे से जेल की हर बैरक पर नजर रख सकेंगे। जेल की बात करें तो, यहां पर 1 महिला बैरक व 15 पुरुष बैरक हैं। इन बैरकों में 416 बंदियों को रखने की क्षमता है, लेकिन जेल में हमेशा 1200 के करीब ही बंदी निरुद्ध रहते हैं। ऐसे में बंदियों पर नजर रखने के लिए जेल प्रशासन को कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है।
विज्ञापन


बजरंगी की मौत के बाद बढ़ी सख्ती
बीते साल 9 जुलाई को बागपत जेल में माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्या के बाद जेलों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे थे। मामला सामने आने पर आनन-फानन में जेलों की ऑनलाइन निगरानी का खाका तैयार किया गया है। जिसके तहत शासन ने यह फैसला लिया है कि जिन जेलों में बंद कैदियों की सीधे मॉनीटरिंग की जाएगी। इसके पहले जेल की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने के साथ ही स्कैनर और मेटल डिटेक्टर भी लगाए हैं। जिससे जेल में आने वाले बंदी और मुलाकातियों को भारी तलाशी के साथ ही अंदर जाने दिया जा रहा है।

जेल प्रशासन की लापरवाही पर लगेगी लगाम
सीसीटीवी कैमरा लगने के बाद जेल प्रशासन की सुरक्षा में बड़ा सुधार देखने को मिल सकता है। साथ ही जेल प्रशासन की होने वाली लापरवाही पर लगाम भी लगेगी। कब, कौन कहां आ-जा रहा है, इसका बाकायदा रिकॉर्ड रहेगा। किससे बातचीत हो रही है? इसकी भी जानकारी रहेगी। इसके अलावा किसी भी प्रकार की कोई आपत्तिजनक सामग्री जेल के अंदर नहीं जा पाएगी।

सीसीटीवी कैमरे लगने से जेल प्रशासन को काफी राहत मिलेगी। वर्तमान में जेल में लगे सीसीटीवी कैमरे पूरी तरह से काम कर रहे हैं। नए कैमरे लगाने के लिए शासन को प्रस्ताव बनाकर भेजा है। जल्द ही नए कैमरों को बैरकों में लगाने का काम किया जाएगा।
विज्ञापन

राजीव शुक्ला, वरिष्ठ जेल अधीक्षक
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें