शहर के ज्यादातर बैंकों में अब पर्याप्त कैश उपलब्ध है। कोई भी खातेदार नियमानुसार कैश निकाल सकता है। अब तो बैंकों में रोज पर्याप्त छुट्टे के साथ नई करेंसी भी जमा हो रही है। इस कारण शाखाएं कैश को चेस्ट में जमा करने लगी हैं। हालांकि, अभी भी पचास फीसदी एटीएम पर्याप्त कैश नहीं दे पा रहे हैं। एक हजार और पांच सौ के नोट अमान्य होने के बाद बैंकों में नोट जमा करने और निकालने के लिए लगने वाली लाइनें अब नहीं दिख रही हैं। बैंकों में सौ, पचास और दो हजार के मान्य नोट भी पर्याप्त मात्रा में जमा होने लगे हैं।
अमान्य नोट जमा करने का आज अंतिम मौका
बैंकों में अमान्य नोट शुक्रवार तक ही जमा होंगे। बैंक ऑफ इंडिया की मुख्य शाखा के प्रबंधक एमपी सिंह ने बताया कि 30 दिसंबर तक ही एक हजार और पांच सौ के नोट जमा करने के निर्देश मिले हैं। शुक्रवार के बाद इन नोटों को जमा नहीं किया जाएगा। आरबीआई के जो भी नए दिशा-निर्देश आएंगे उनके अनुसार आगे का काम किया जाएगा। अग्रणी बैंक प्रबंधक सुनील चावला के अनुसार अभी तक जिले में पंद्रह अरब से अधिक के अमान्य नोट जमा हुए हैं। साठ करोड़ के नोट बदले गए हैं। जबकि पांच अरब रुपयों की निकासी हुई हैं।
पचास फीसदी एटीएम हुए चालू
नोटबंदी के 49 दिन गुजर चुके हैं। अभी तक पचास फीसदी ही एटीएम चालू हो पाए हैं। कुछ एटीएम में रुपये नहीं डाले जा रहे हैं तो कई एटीएम नए नोटों के मुताबिक अपग्रेड नहीं हुए हैं। इलाइट चौराहा पर पंजाब नेशनल बैंक, एसबीआई और ऐक्सिस बैंक के एटीएम से रुपये निकल रहे हैं। बीकेडी चौराहे पर एसबीआई के एटीएम से रुपये निकलने लगे हैं। इसी तरह पीएनबी की सिटी मुख्य शाखा, खंडेराव गेट शाखा, मेडिकल, सिविल लाइंस स्थित एटीएम से रुपये निकलने लगे हैं। एसबीआई के लगभग पंद्रह एटीएम से रुपये निकल रहे हैं। अधिकतर एटीएम से दो हजार के नोट ही निकलते हैं। जबकि कुछ एटीएम से सौ के नोट भी मिल रहे हैं।
आसानी से मिले रुपये
चौबीस हजार रुपये की जरूरत है। पीएनबी की सिविल लाइन शाखा में आया तो मांग के मुताबिक पूरे रुपये मिल गए हैं। पहले रुपयों की जरूरत होती थी तो नहीं मिल पाते थे। आज आया तो बैंक में लाइन भी नहीं मिली। इस कारण जल्दी रुपये भी मिल गए।
चंचल, थापक बाग
नहीं हो रही दिक्कत
खेती के लिए खाद-बीज उधार खरीदा था। 15 दिसंबर को आया था। उस समय बैंकों में पर्याप्त रूपये नहीं मिल पा रहे थे। बीस हजार चाहिए थे लेकिन चार हजार ही मिले। आज पीएनबी की सिविल लाइन शाखा में आया तो आसानी से रुपये मिल गए। अब उधारी का भुगतान कर दूंगा।
पुष्पेंद्र तिवारी, आरी गांव