ललितपुर के महरौनी थाना के ग्राम अंडेला में एक महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म कर हत्या के आरोपों के मामले में सीबीसीआईडी कानपुर द्वारा की गई जांच में झूठी अंतिम रिपोर्ट लगाने पर तत्कालीन कोतवाली प्रभारी निरीक्षक एसआई विवेचक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।
अपराध शाखा अपराध अनुसंधान खंड कानपुर निरीक्षक सुभद्रा वर्मा ने डाक पैक द्वारा कोतवाली महरौनी को भेजी गई तहरीर में बताया कि महरौनी के एक ग्राम निवासी व्यक्ति ने राष्ट्रीय मानव आयोग नई दिल्ली को शिकायती प्रार्थना पत्र में थाने में लिखाए गए महिला की हत्या व सामूहिक दुष्कर्म के मुकदमा के मामले में विवेचना सही तरीके से नहीं करके और अवैधानिक तरीके से विवेचना किए जाने का आरोप लगाया था। इस मामले की विवेचना सीबीसीआईडी से कराए जाने की मांग की थी।
इस संबंध में 26 मार्च 2018 को शासन द्वारा उपरोक्त प्रकरण की जांच सीबीसीआईडी से कराए जाने का निर्णय लिया गया था। निरीक्षक महेश चंद्र गौतम थाना महरौनी द्वारा विवेचना में अंतिम रिपोर्ट प्रेषित की गई थी। मृतका के कपड़ों को कब्जे में लेकर एफएसएल नहीं भेजा गया था और न ही बिसरा परीक्षण के लिए भेजा गया। घटना के बाद समय से उक्त मामला पंजीकृत नहीं कराया गया।
बाद में न्यायालय के आदेश से इस प्रकरण में मुकदमा कराया गया। सीबीसीआईडी की विवेचना से मृतका के वस्त्रों के परीक्षण से एफएसएल की जांच रिपोर्ट में स्पर्म का आना पाया गया, जो अभियुक्त के स्पर्म से मेल खाते पाए गए। ऐसे में थाना महरौनी में तत्कालीन निरीक्षक के द्वारा अभियुक्तों को महेंद्र सिंह आदि को बचाने के उद्देश्य से झूठी अंतिम रिपोर्ट प्रेषित की गई और समय से अभियोग पंजीकरण करने में अपने पदीय कर्तव्य का निर्वहन नहीं किया गया।
उक्त मामले में कोतवाली महरौनी पुलिस ने विवेचक के खिलाफ धारा 166, 166ए और धारा 217 के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। बताया गया कि इस मामले की विवेचना सीबीसीआईडी के द्वारा की जाएगी।