फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सावधान! कच्ची शराब पीते पकड़े गए तो होगी जेल

Wed, 27 May 2015 01:58 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला
विज्ञापन
विज्ञापन
झांसी। अवैध शराब की बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए अब आबकारी विभाग विक्रेताओं के साथ-साथ इसके खरीदारों पर भी शिकंजा कसने की तैयारी में है। छापामारी के दौरान शराब के अड्डे पर पकड़े जाने पर शौकीनों के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन


शासन-प्रशासन की सख्ती के बावजूद जिले में कच्ची शराब का धंधा थमने का नाम नहीं ले रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों की बात तो दूर, नगर में ही दो दर्जन से अधिक स्थानों पर धड़ल्ले से अवैध शराब की बिक्री जारी है। इस पर अंकुश लगाने के लिए दिसंबर-जनवरी में व्यापक पैमाने पर अभियान चलाया गया था। इस दौरान कच्ची शराब बनाने के दर्जनों अड्डों को तहस-नहस किया गया था। 3,323 लीटर शराब पकड़ी गई थी तथा 60 धंधेबाजों पर भी शिकंजा कसा गया था। इसके अलावा 55,200 किलोग्राम लहन नष्ट किया गया था, परंतु अभियान खत्म होने के कुछ समय बाद से ही अवैध शराब के अड्डों पर दोबारा शौकीनों का जमावड़ा शुरू हो गया है। लेकिन, अब आबकारी विभाग ने इस पर शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है। विभाग के अनुसार अब छापामारी के दौरान अवैध शराब के विक्रेताओं के साथ-साथ अड्डे पर जमा शौकीनों को भी हिरासत में लिया जाएगा। विक्रेता के साथ-साथ उन्हें भी आबकारी अधिनियम की धारा 60 के तहत कार्रवाई करते हुए पुलिस के हवाले किया जाएगा।

भट्टी ठंडी करने का भी बंदोबस्त
झांसी। कच्ची शराब का निर्माण भट्टियों में किया जाता है, जिनमें ईंधन के रूप में लकड़ी का व्यापक पैमाने में इस्तेमाल होता है। निर्माण के अड्डों पर छापामारी के दौरान भट्टियां, लहन व शराब बनाने के अन्य उपकरण तो नष्ट कर दिए जाते हैं, परंतु लकड़ी वहीं पड़ी रह जाती है। संसाधनों की कमी के चलते यह लकड़ी अड्डों से हटाई नहीं जाती है। इस स्थिति से निपटने के लिए आबकारी विभाग द्वारा वन विभाग को पत्र लिखा जा रहा है, ताकि अड्डों पर लकड़ी बरामद होने की स्थिति में वन विभाग उसे जब्त कर ले तथा मौके से हटवाकर किसी सुरक्षित स्थान पर रखवा दे।
विज्ञापन


छापामारी के दौरान अवैध शराब के अड्डों पर पकड़े जाने वाले शौकीनों पर भी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा शराब के अड्डों पर उपलब्ध लकड़ी जब्त करने के लिए वन विभाग को भी पत्र लिखा जा रहा है। अवैध शराब के धंधे को बंद कराने के लिए विभाग ने सख्त रवैया अपना लिया है।
विज्ञापन

- प्रेमनारायण, जिला आबकारी अधिकारी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें