रेलवे स्टेशन पर प्रीमियम पार्किंग व्यवस्था शुरू होते ही परिसर में खड़े होने वाले चार पहिया वाहनों से महंगा किराया लेना शुरू हो गया है। इसके पहले बीस मिनट में गाड़ी करने पर कोई किराया नहीं लिया जा रहा था।
रेल प्रशासन ने अभी रेलवे स्टेशन पर दो व चार पहिया वाहन खड़ा करने के लिए पांच वाहन स्टैंड बना रखे हैं। इनमें दो स्टैंड स्टेशन परिसर, दो जीआरपी थाने के सामने व एक स्टैंड पुराने वेतन कार्यालय के बगल में बना हुआ है। मगर, अब रेलवे परिसर में खड़े होने वाले वाहनों से भी किराया वसूलने के लिए प्रीमियम पार्किंग व्यवस्था लागू कर दी गई है। यह ठेका आठ नवंबर से शुरू हो गया है। इसके तहत रेलवे परिसर में आने वाले चार पहिया वाहनों से पहले बीस मिनट में कोई चार्ज नहीं लिया जा रहा है। इसके बाद 21 से 30 मिनट तक 50 रुपये, 31 से 59 मिनट तक 100 रुपये, एक घंटे से दो घंटे तक 200 रुपये तथा पहले दो घंटे में दो सौ और इसके बाद तीन सौ रुपये प्रति घंटे लिए जा रहे हैं। इतना ही नहीं, ठेकेदार ने रसीद पर लिख रहा है कि गाड़ी खो गई तो उसका क्लेम बीमा कंपनी देगी। पर्ची खोने पर जमानत व पांच सौ रुपये जुर्माना देना होगा।
अधूरा लिखा शिकायत नंबर
ठेकेदार ने प्रवेश द्वार पर परिसर में आने वाली गाड़ियों की पर्ची काटने के लिए बैरियर लगा दिया है। बैरियर के पास ही किराए के संबंध में जानकारी के लिए बोर्ड लगाया गया है। बोर्ड में जो शिकायत नंबर लिखा हुआ है, उसमें एक अंक गायब है।