झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के इनोवेशन सेंटर में स्ट्राइड स्कीम के तहत पारस पीपल पर किए गए शोध में कई औषधीय गुण पाए गए हैं। शोध परिणामों में सामने आया है कि यह वृक्ष कैंसर मेटाबॉलिज्म, एंटी फंगल, एंटी ट्यूमर समेत कई गंभीर बीमारियों के इलाज में फायदेमंद है।
स्ट्राइड प्रोजेक्ट के समन्वयक डॉ. लवकुश द्विवेदी ने बताया कि शोध में रक्त धमनियों को चौड़ा करने वाले तत्वों की पहचान की गई है। साथ ही प्रचुर मात्रा में विटामिन ई मिला है। इसमें सूजन के इलाज में आवश्यक एंटी इंफ्लामेटरी, वायरस व बैक्टीरिया के उपचार के लिए एंटी माक्रोबियल, काला ज्वार के इलाज के लिए एंटी लिश्मानिआसिस समेत एंटीऑक्सीडेंट, न्यूट्रीशनल सप्लीमेंट आदि की पहचान की गई है। इसके अलावा इस वृक्ष के पत्तों और फलों में दवा बनाने, कॉस्मेटिक उद्योग के विभिन्न उत्पाद जैसे स्किन कंडीशनर, हेयर कंडीशनर, सनस्क्रीन लोशन, नेल प्रोडक्ट, फाउंडेशन बनाने में काम आने वाले तत्व भी प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। स्ट्राइड प्रोग्राम के पहले बैच के छात्र अनित्य कुमार जैन ने शोध कार्य किया है। अंतरराष्ट्रीय जनरल में प्रकाशित होने के लिए शोध का चयन भी हो गया है।
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समन्वयक ने बताया कि सामान्यता पीपल वृक्ष से थोड़ा भिन्न पारस पीपल मालवीसी परिवार का वृक्ष है, जो जंगलों में पाया जाता है। इसमें भिंडी के फूलों की तरह पीले रंग के फूल आते हैं। आम तौर पर धार्मिक मान्यताओं और लिवर संबंधी बीमारियों की रोकथाम, एंटी डायबिटिक, घाव भरने की क्षमता और एंटी सोरिओसिस गुणों के लिए पहचाने जाने वाले पारस पीपल के बोंजाई प्लांट को घर सजाने और वास्तु दोष मिटाने के लिए भी लोग पसंद करते हैं।