झांसी। पॉलिटेक्निक कॉलेज के छात्रावास में 16 महीने पहले हुई नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म की सनसनीखेज घटना का जिला न्यायालय में कैमरा प्रोसिडिंग के माध्यम से ट्रायल शुरू हो गया है। इसके अलावा हाईकोर्ट ने छह माह में इस मुकदमे का निस्तारण करने के निर्देश दिए हैं।
पॉलिटेक्निक कॉलेज के छात्रावास में 11 अक्तूबर 2020 को नाबालिग छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना हुई थी। इसे अंजाम देने वाले कॉलेज के छात्र ही थे। घटना उस समय हुई जब छात्रा कॉलेज के एक अन्य छात्र के साथ बातचीत कर रही थी। इसी दरम्यान उसे आरोपी छात्रों ने घेर लिया था और वे उसे बेरहमी से घसीटते हुए छात्रावास के कमरे में लेे गए थे, जहां उन्होंने वारदात को अंजाम दिया था। ये घटना उस समय प्रदेश भर में सुर्खियों में रही थी। इस मामले में पुलिस ने आठ छात्रों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। उन पर पॉक्सो एक्ट, डकैती व सामूहिक दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज किया गया था। तब से सभी आरोपी जेल में ही हैं। जिला शासकीय अधिवक्ता मृदुलकांत श्रीवास्तव ने बताया कि अब इस मुकदमे का कैमरा प्रोसेडिंग के तहत ट्रायल शुरू हो गया है। कैमरा प्रोसेडिंग के दौरान जज, पेशकार, मुलजिम का वकील, सरकारी वकील और पीड़िता ही मौजूद रहती है। इसके अलावा अन्य किसी को ट्रायल के दौरान मौजूद रहने की इजाजत नहीं होती है। उन्होंने बताया कि इस घटना के एक आरोपी ने जमानत के लिए हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल की थी, जिसे खारिज कर दिया गया। साथ ही हाईकोर्ट ने छह माह में मुकदमा निस्तारित करने के निर्देश दिए हैं।
ये आरोपी हैं जेल में
झांसी। सामूहिक दुष्कर्म की घटना में पुलिस ने आठ के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। इनमें महोबा के थाना कुलपहाड़ निवासी रोहित कुमार सैनी (22), थाना कबरई निवासी भरत कुमार कुशवाहा (19), गोंडा के थाना बजीरगंज निवासी शैलेंद्र कुमार पाठक (19), झांसी के थाना टहरौली निवासी मयंक शिवहरे (22), प्रयागराज के थाना थरवई निवासी विपिन तिवारी (24), झांसी के थाना मऊरानीपुर निवासी मोनू पार्या (20), रानीपुर निवासी धर्मेंद्र सेन (19) व महोबा के कुलपहाड़ निवासी संजय कुशवाहा (20) शामिल हैं। ये सभी आरोपी घटना के बाद से जेल में हैं।