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कैसे भी हो बिटिया को घर बुला दो...

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झांसी। पुलिस कंट्रोल रूम में आजकल लाकडाउन के कारण बच्चों के विभिन्न शहरों में फंसने के कारण परिवार के सदस्य पुलिस से मदद मांग रहे हैं। किसी की मांग रहती है कि उनकी बिटिया दिल्ली में है, अकेली है. उसे किसी तरह झांसी बुलवाया जाए। तो कोई राशन मांगता है या पैसे।
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बृहस्पतिवार को नई बस्ती में रहने वाले सुनील कुमार ने पुलिस कंट्रोल रूम में फोन कर बताया कि उनकी बेटी दिल्ली में नौकरी करती है। छह महीने पहले ही जॉब लगा है। अकेले कमरे में रहती है। लॉकडाउन की शुरुआत में वह घर नहीं आ सकी। अब वह अकेली नहीं रह पा रही है। वह घबरा रही है। उसे किसी भी तरह झांसी बुलवा दो। उसको लाने के लिए गाड़ी का पास कैसे मिलेगा। या फिर मालगाड़ी से बुला लो।
इसी तरह बड़ा बाजार में रहने वाले आनंद ने बताया कि उनका बेटा इंदौर में पढ़ाई कर रहा है। सांस का मरीज भी है। लॉकडाउन में वह अकेला इंदौर में नहीं रह पा रहा है। वह उसे झांसी कैसे ला सकते हैं? इसमेें उनकी मदद की जाए। इन दिनों पुलिस कंट्रोल रूम में आपराधिक व अन्य घटनाओं की सूचना देने की जगह लोग इसी तरह फोन करके मदद मांग रहे हैं। इसके अलावा राशन और पैसे खत्म हो गए हैं, उनकी मदद की जाए। मेडिकल कॉलेज इलाज के लिए जाना है रास्ते में पुलिस परेशान तो नहीं करेगी। बिजली और फोन का बिल जमा हो रहा है कि नहीं। भाईसाहब प्रेमनगर में कोरोना का मरीज मिल गया है। यह बात सही है कि नहीं। इसी तरह के फोन आते रहते हैं। पुलिस भी सवालों के हर संभव जवाब देने व लोगों को मदद पहुंचाने का प्रयास करती है।
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