संवाद न्यूज एजेंसी
लुहारी। विकसित कृषि संकल्प अभियान के तहत विकासखंड बंगरा की ग्राम पंचायत लुहारी व नैगुवां में कृषि विभाग के अधिकारी व वैज्ञानिकों ने किसानों को कृषि की नई तकनीकी की जानकारियां दीं। इस दरम्यान सुधार की दृष्टि से किसानों से फीडबैक भी लिया गया।
गोष्ठी में वैज्ञानिकों पशुओं के चारे की किस्म के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पशुओं को अच्छा चारा दें, जिससे पशु स्वस्थ रहेगा और दूध में भी वृद्धि होगी। पशुओं को पीने के लिए स्वच्छ जल दें। किसान हो सके तो ज्यादातर बाजरा नेपियर (हाथी घास) उगाएं। इसके अलावा कांटा रहित नागफनी का भी उत्पादन करें, क्योंकि उसमें पानी की मात्रा ज्यादा होती है, जिससे पशु भी स्वस्थ रहते हैं। पशुओं का टीकाकरण कराएं, जिससे किसी प्रकार की बीमारी उन पर हावी ना हो सके। उन्होंने कहा कि किसान रबी व खरीफ की फसल के साथ-साथ ज्यादा आय वाली खेती के बारे में भी सोचें। बगीचा लगाकर पपीता, आम, अमरूद, नींबू, बेल आदि फलदार वृक्षों व फूलों की भी खेती कर सकते हैं। यदि सिंचाई के लिए पानी कम है, तो टपक पद्धति से जमीन की सिंचाई करें। खाद डालने में अधिकतर नैनो फर्टिलाइजर का ही उपयोग करें। किसान मसाले की फसल भी उगा सकते हैं, उसमें भी अच्छा मुनाफा मिल सकता है। इसके अलावा गोष्ठी में अन्य उपयोगी जानकारियां भी दी गईं।
इस मौके पर ग्राम प्रधान नृपेंद्र सिंह, डॉ. एके सोलंकी वैज्ञानिक, डॉ. एसआर कंठवा वैज्ञानिक, डॉ. साधना पांडे वैज्ञानिक, डॉ. गौरव शर्मा वैज्ञानिक, डॉ. प्रियंका शर्मा, मुकेश पाठक कृषि विभाग, भागीरथ आदि किसान एवं ग्रामीण लोग मौजूद रहे।