खिलारा। ग्राम पंचमपुरा में बृहस्पतिवार को आयोजित की गई गोष्ठी में किसानों को उन्नतशील बीज बोने की सलाह दी गई। गोष्ठी में झांसी तथा मऊरानीपुर से आए कृषि विशेषज्ञों ने बीजों को बोने की सलाह, जैविक खेती के लाभ एवं पशुपालन के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
विकसित कृषि संकल्प अभियान के तहत आयोजित गोष्ठी का आयोजन प्रधान चरन सिंह बुंदेला की अध्यक्षता में तथा बीटीएम हनुमत सिंह के संचालन में हुआ। किसान गोष्ठी में केंद्रीय कृषि वानिकी अनुसंधान, चारागाह अनुसंधान संस्थान के अलावा मऊरानीपुर कृषि विभाग से आये कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों से फसल चक्र अपनाने, मूंगफली, तिल, उड़द आदि खरीफ फसलों के उन्नत किस्म के बीज बोने, जैविक खेती के माध्यम से जमीन की उर्जा शक्ति बढ़ाने, खेतों की मेड़ों पर बहुउपयोगी पौधा रोपण करने एवं चारा लगाने से होने वाले फायदों के बारे में बताया। विशेषज्ञों ने कहा कि डीएपी, यूरिया खाद व अधिक मात्रा में कीटनाशक के छिड़काव से खेती की जमीन बीमार होने के अलावा खराब हो रही है।
गोष्ठी में भूमि संरक्षण अधिकारी शरदचंद्र मौर्य, डॉ गरिमा गुप्ता, डॉ निशी राय, डॉ वेंकटेश, डॉ सुरेशराम, डॉ नकुल गुप्ता, डॉ विमलराज यादव, डॉ आलम, डॉ गौतम कुमार आदि कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को जानकारियां दी। इस दौरान पुष्पेन्द्र कुमार, राजू कुशवाहा, मथुरा प्रसाद पटेल, नवलकिशोर पटेल, जवाहरलाल पटेल, थान सिंह पटेल, सीताराम अहिरवार, रामगुलाम, राजू बुनकर, बलराम, मोहनलाल आदि मौजूद रहे।