संवाद न्यूज एजेंसी
मऊरानीपुर। मंगलवार को मऊरानीपुर थाना इलाके के रानीपुर बस स्टैंड के पास रहने वाले एक कारोबारी ने सल्फास का सेवन कर आत्महत्या कर ली। पारिवारिक कलह के चलते उसने आत्मघाती कदम उठाया। मृतक के पास से सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें लिखा है कि उसकी अर्थी को बेटा कंधा न दे।
देवरी सिंहपुरा निवासी घनश्याम दास सेन (60) रानीपुर बस स्टैंड के आगे रहकर सीमेंट, सरिया और गिट्टी का कारोबार करते थे। बताया जा रहा है कि पिछले कुछ समय से उनका अपने परिजनों के साथ किसी बात को लेकर लगातार विवाद चल रहा था। पारिवारिक कलह इस हद तक बढ़ चुकी थी कि उन्होंने पहले भी एक बार आत्मघाती कदम उठाने का प्रयास किया था, लेकिन तब उन्हें बचा लिया गया था। मंगलवार दोपहर घर में हुए विवाद के बाद घनश्याम दास ने सल्फास की गोली निगल ली। उन्होंने खुद इसकी जानकारी परिजनों व आसपास के लोगों को दी। शुरुआत में लोगों ने उनकी बात को गंभीरता से नहीं लिया। हालत बिगड़ने पर आनन-फानन उन्हें एक निजी अस्पताल ले जाया गया। उनकी नाजुक हालत को देखते हुए वहां से उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। झांसी ले जाते समय रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। चर्चा है कि मौत की पुष्टि होने के बाद परिवार के सदस्य शव को छोड़कर मौके से भाग गए। बताया गया कि मृतक के दो बेटे हैं। गंभीर बीमारी से ग्रस्त होने की वजह से एक बेटे की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। जबकि, बेटियों की शादी हो चुकी है।
मृतक के पास से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसमें लिखा है कि मेरी मौत के बाद मेरी अर्थी को मेरा पुत्र कांधा न दे।
इस संबंध में रानीपुर चौकी प्रभारी कुलदीप पावर ने बताया कि पारिवारिक विवाद के चलते वृद्ध जहरीला पदार्थ का सेवन किया है।मृतक की जेब से एक पत्र मिला है, जिसमें पुत्र द्वारा अर्थी को कंधा न देने की बात लिखी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।