गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) के खिलाफ कारोबारी लामबंद हो गए हैं। शुक्रवार को कारोबार ठप रखेंगे और धरना-प्रदर्शन भी करेंगे। बाजार बंद रखेंगे। जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपेंगे। बृहस्पतिवार को उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने बंद को सफल बनाने के लिए बाजारों में संपर्क किया।
आंदोलन की राह पर उतरे कारोबारियों का मानना है कि जटिल टैक्स प्रणाली के कारण भ्रष्टाचार बढ़ता है और उत्पीड़न होता है। उनका कहना है कि वे जीएसटी के कुछ घातक और जटिल नियमों के कारण इसका विरोध कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के प्रदेश अध्यक्ष श्याम बिहारी मिश्र ने 30 जून को भारत बंद का आह्वान किया है। बंद के दौरान व्यापारी प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपेंगे। बृहस्पतिवार को व्यापार मंडल के महानगर अध्यक्ष रामतीर्थ सिंघल, महेश राय, पुनीत अग्रवाल, मुकेश मिश्रा, मुकेश अग्रवाल, राजेश शर्मा, बृजबिहारी सोनी, अनूप सहगल, अन्नू गुप्ता, नीरज मल्होत्रा, उमेश गुप्ता, सुनील अग्रवाल, रमेश चंद्र जौरी ने बाजारों में जनसंपर्क किया। इस दौरान वे मानिक चौक, बड़ा बाजार, गांधी रोड, सीपरी बाजार, इलाइट, प्रेमनगर, सदर बाजार और अन्य बाजारों में भी गए। रामतीर्थ सिंघल ने बताया कि बंद के दौरान व्यापारी वाहनों से घूम कर दुकानों को बंद कराने का आग्रह करेंगे।
ये रहीं मांगे
- इनपुट टैक्स क्रेडिट की व्यवस्था में परिवर्तन करें।
- रिटर्न फाइल न हो तो व्यापारी को जिम्मेदार न मानें।
- ई-वे बिल की सीमा 50 हजार से पांच लाख करें।
- अपंजीकृत व्यापारी से कच्चे माल पर रिवर्स चार्ज न लें।
- पेनल्टी की व्यवस्था एक साल के लिए स्थगित हो।
- सजा और जेल के प्रावधान को खत्म किया जाए।
- 30 जून तक बचे स्टॉक पर आईटीसी का लाभ मिले।
- मंडी शुल्क को समाप्त कर जीएसटी में ही समाहित हो।
- कपड़ा व्यापार पर जीएसटी न लगाया जाए।
- ऑनलाइन के साथ मैन्युअली भी रिटर्न की सुविधा हो।
-तीन माह में एक रिटर्न दाखिल करने की व्यवस्था हो।
- ब्रांडेड अनाज, दलहन को टैक्स से मुक्त रखा जाए।
बंद के दौरान ये सेवाएं जारी रहेंगी
- चिकित्सा
-मेडिकल स्टोर
- पेट्रोल पंप
- दूध, चाय और सब्जी
- होटल और रेस्टोरेंट
-आटो, बस और टैक्सी