झांसी/ललितपुर। विधानसभा चुनाव में बसें जाने से यात्री इस कदर परेशान हो रहे कि अब कानपुर, आगरा, दिल्ली, लखनऊ, गोरखपुर और मुरादाबाद समेत कई शहरों को जाने वाले लोगों को 3 से छह घंटे तक बसों का इंतजार करना पड़ रहा है। यात्रियों को बार-बार रोडवेज कार्यालय में बस आ गई क्या, पूछना पड़ रहा, लेकिन सबको जवाब एक ही मिल रहा कि बसें कम हैं, इंतजार कीजिए। वहीं, छोटे रूट पर लोग डग्गामार वाहनों के सहारे चल रहे हैं और दो गुना किराया दे रहे।
झांसी डिपो में कुल 136 रोडवेज बसें हैं, जिनमें विधानसभा चुनाव के प्रथम चरण का मतदान कराने कि लिए झांसी डिपो से अब तक कुल 66 बसें चली गईं हैं। ललितपुर मार्ग पर चलने वाली सभी सात रोडवेज बसों का संचालन बंद कर दिया गया है जिससे यात्रियों को डग्गामार वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है। इससे डग्गामार वाहन के चालक और परिचालक मन मुताबिक किराया ले रहे हैं।
महानगर के बस स्टैंड पर यात्रियों का जमावड़ा लगा रहा। मेरठ, दिल्ली, गोरखपुर, लखनऊ, ललितपुर, मुरादाबाद आदि रूटों पर चलने वाली रोडवेज बसों का संचालन बंद कर दिया गया है। झांसी से उरई वाया कानपुर, लखनऊ मार्ग पर 80 बसों का संचालन होता था, लेकिन अब केवल 50 बसों का ही संचालन किया जा रहा है, जिससे यात्रियों को दिक्कत हो रही है।
रैन बसेरा में रात काटने को मजबूर हैं यात्री
झांसी से ललितपुर जाने वाले मार्ग पर 150 निजी बसें और 24 रोडवेज की बसें हैं। इनमें अधिकांश रोडवेज बसें पहले से ही बंद चल रहीं हैं। जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में बसों का संचालन ठप हो गया है। ललितपुर से झांसी के लिए महज चार बसें चल रहीं थीं। लोगों को सुबह और देर शाम को आवागमन की सुविधा मिल रही थी। लेकिन बीते चार दिनों से रोडवेज बसों को विधानसभा चुनाव के प्रथम चरण में मतदान कराने के लिए पुलिस बल को भेजा गया है। इससे वह भी बंद हो गईं। अब यात्रियों के लिए निजी बसें ही एकमात्र सहारा हैं, जो दिन में तो सेवाएं दे रहीं हैं, लेकिन रात्रि में बंद रहती हैं। ऐसे में लोगों को अब शाम व सुबह के समय यात्रा करने की समस्या खड़ी हो गई है। ऐसे में लोग अन्य वाहनों की आस में रहते हैं। अंत में बस न मिलने पर रात्रि विश्राम के लिए होटल और निर्धन तबके के लोग रैन बसेरा की ओर रुख करने को मजबूर हैं। कुछ तो जानकारी के अभाव में टीन शेड के नीचे ही रात बिताने को मजबूर हैं।
डग्गामार वाहन स्वामी डूंस-डूंस कर भर रहे सवारी, ले रहे मन मुताबिक किराया
रोडवेज बसों का संचालन बंद होने के कारण डग्गामार वाहन स्वामी यात्रियों से मनमुताबिक किराया ले रहे हैं। और निजी बसों और टैक्सी में क्षमता से अधिक सवारी भरकर चल रहे हैं। जिससे यात्रियों की जान का हमेशा खतरा बना रहता है। साधन न होने के कारण कई यात्री तो डग्गामार वाहनों में लटककर यात्रा करने को मजबूर हैं।
बातचीत
बालकिशन राय ने बताया कि उन्हें उरई जाना है। वह बस स्टैंड पर एक घंटे से बस का इंतजार कर रहे हैं। अभी तक बस नहीं आई है।
सुरेंद्र शर्मा का कहना है कि उनको दिल्ली जाना है, तीन घंटे हो गए हैं, कोई बस नहीं है। पूछताछ कार्यालय में पता किया तो बताया कि रात में बस है।
दयालु का कहना है कि वह पृथ्वीपुर जा रहे हैं, पहले झांसी से पृथ्वी पुर का किराया 70 रुपये था, लेकिन अब 100 कर दिया है।
बरुआसागर के राघवेंद्र का कहना है कि पहले झांसी से बरुआसागर का किराया पहले 20 रुपये था, अब 30 रुपये निजी बसों में कर दिया गया है।
बसों का संचालन रूट पहले अब
झांसी - उरई/ कानपुर 80 50
झांसी - ललितपुर 04 00
झांसी- दिल्ली 04 02
झांसी- गोरखपुर 02 00
झांसी- मऊरानीपुर 04 01
बसों को विधानसभा चुनाव में लगाया गया है। इससे संचालन बंद हो गया है। चुनाव से हटने के बाद रूट पर बसों का संचालन नियमित किया जाएगा। प्रियम श्रीवास्तव, सहायक प्रबंधक, रोडवेज डिपो झांसी