संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। क्षेत्रीय पुरातत्व इकाई कार्यालय में 37वां स्थापना दिवस पर राजकीय संग्रहालय सभागार में संगोष्ठी हुई। इसमें अतिथियों ने कहा कि बुंदेलखंड में पर्यटन की अपार संभावना है। इस दौरान प्राचीन स्मारकों को लेकर चर्चा हुई। इस मौके पर आयोजित चित्र प्रदर्शनी में बुंदेलखंड का गौरव झलका।
मुख्य अतिथि राज्यमंत्री हरगोविंद कुशवाहा और विशिष्ट अतिथि बुंदेलखंड पर्यटन विकास एवं पुरातत्व संरक्षण समिति झांसी मंडल के अध्यक्ष डॉ प्रदीप कुमार तिवारी रहे। संगोष्ठी में क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी डॉ सुरेश कुमार दुबे ने 26-27 वर्ष पूर्व बुंदेलखंड के सुदूर क्षेत्रों में किए गए व्यापक पुरातात्विक सर्वेक्षणों पर प्रकाश डाला। उन्होंने पीपीटी प्रस्तुति के माध्यम से श्रोताओं को क्षेत्र के अपरिचित पुरातात्विक स्मारकों व स्थलों से भी परिचित कराया। पर्यटन विभाग की उपनिदेशक कीर्ति ने 42 स्मारकों व धार्मिक स्थलों पर पर्यटन की संभावनाओं पर चर्चा की।
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के सहायक पुरातत्वविद् सचिन कुशवाहा, रानी महल के संरक्षणविद् मनोज वर्मा ने पुरातात्विक स्मारकों के रखरखाव, संरक्षण एवं संवर्धन पर प्रकाश डाला। राज्य संग्रहालय के उपनिदेशक डॉ. मनोज कुमार गौतम ने कहा कि बुंदेलखंड क्षेत्र पुरातात्विक धरोहरों से समृद्ध है। मौके पर सत्यम, सुदर्शन शिवहरे, हरिनारायण त्रिवेदी, अनिल कुमार कुशवाहा, साहित्यकार मनमोहन मनु आदि मौजूद थे।