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बुंदेलखंड के युवाओं को रोजगार में मिले प्राथमिकता: सीएम

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झांसी/बबीना। निरीक्षण करने बुढ़पुरा गांव पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्थानीय स्तर पर चल रही विविध योजनाओं में दक्ष युवाओं को प्राथमिकता के साथ रोजगार देने के निर्देश दिए। कार्यदायी कंपनी के अफसरों को कहाकि आईटीआई उत्तीर्ण युवाओं के साथ ही अकुशल मजदूरों को भी काम दिया जाए, जिससे पलायन रोकने में मदद मिले।
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तयशुदा समय से करीब चार घंटे विलंब से शाम चार बजकर पैंतीस मिनट पर सीएम हेलिकॉफ्टर से बुढ़पुरा गांव पहुंचे। यहां सीएम ने बुढ़पुरा ग्राम समूह पेयजल योजना की भौतिक प्रगति परखी। इस परियोजना के जरिए अगले वर्ष मार्च तक 62 गांवों तक पानी पहुंचाने की योजना है। नागार्जुन कंस्ट्रक्शन के महाप्रबंधक रमेश कुमार ने सीएम को योजना के बारे में विस्तार से बताया।
मुख्यमंत्री ने दिसंबर तक काम पूरा करने की बात कही। जीएम ने मुख्यमंत्री को बताया कि डेडलाइन के मुताबिक वर्ष 2022 तक योजना पूरी हो जाएगी लेकिन, नवंबर-दिसंबर माह तक तक पार्ट में इसे पूरा करने की कोशिश की जाएगी। मुख्यमंत्री ने गुणवत्ता के साथ काम पूरा कराने के निर्देश दिए। सीएम के साथ सिंचाई मंत्री डॉ.महेंद्र सिंह, प्रदेशाध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह भी मौजूद रहे।
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212.56 करोड़ की परियोजना से 1.50 लाख लोगों को होगा फायदा
जल जीवन मिशन-हर घर नल योजना के जरिए बुढ़पुरा गांव में स्थापित की जा रही इस परियोजन की लागत करीब 212.56 करोड़ रुपये आंकी गई। हैदाराबाद की जानी-मानी कंपनी ने एक जुलाई से काम शुरू किया। तीस जून 2022 तक के लिए उनको डेडलाइन दी गई है। परियोजना पूरी करने के साथ ही कंपनी को दस साल तक इसकी देखरेख भी करनी होगी। अनुरक्षण पर 27.20 करोड़ होंगे। वर्ष 2051 तक के लिए इस परियोजना की डिजाइन की गई है। इसके लिए यहां एक इंटेक वेल, एक जल संशोधन संयत्र (डब्ल्यूटीपी), 8 स्वच्छ जल जलाशय (सीडब्ल्यूआर) एवं 9 ओवरहेड जलाशय निर्मित होंगे। इसके लिए कुल 647.71 किमी लंबी जल वितरण प्रणाली तैयार होगी।
खेती को नहरों में पानी दिलवाइये, सीएम से ग्रामीणों ने लगाई गुहार
दसवीं उत्तीर्ण छात्रों को आईटीआई करने की दी नसीहत
जल परियोजना के निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों के संग बात भी की। सीएम ने दसवीं उत्तीर्ण छात्रों को आईटीआई करने की नसीहत दी, जिससे रोजगार मिलने में आसानी हो। इसी बीच ग्रामीणों ने एक सुर में खेतों में पानी न होने की शिकायत करनी शुरू कर दी। सीएम ने ग्रामीणों की सभी शिकायतें इत्मीनान से सुनीं। ग्रामीणों ने मजदूरों के लिए काम भी मांगा। स्टेशन की खराब सड़क की भी शिकायत की गई। मुख्यमंत्री ने सभी समस्याएं सुलझाने का भरोसा दिलाते हुए खेत के साथ पीने के लिए पानी उपलब्ध कराने की बात कही। इसी बीच एक बच्चा भी मुख्यमंत्री के करीब पहुंच गया। मुख्यमंत्री ने बच्चे को अपने पास बुलाते हुए उसका नाम एवं पढ़ाई के बारे में पूछा। बच्चे के माता-पिता ने बताया कि छोटा होने की वजह से बच्चे का अभी नाम नहीं लिखाया।
ग्रामीणों से खातिरदारी कराने में जुटे रहे पुलिसकर्मी
निरीक्षण स्थल के पास के घर में जमाए रहे कब्जा
सीएम सुरक्षा के लिए आए पुलिसकर्मियों ने ग्रामीणों के साथ जमकर मनमानी की। इस वजह से पूरे दिन ग्रामीण खासे परेशान रहे। सीएम सुरक्षा के लिए आसपास से बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को गांव में तैनात किया गया था। जैसे-जैसे धूप चढ़ी पुलिसकर्मी आसपास के घरों में जाकर बैठ गए और ग्रामीणों से खातिरदारी शुरू करा दी। निरीक्षण स्थल से बमुश्किल पचास मीटर दूर स्थित एक घर में एक दरोगा संग आधा दर्जन पुलिसकर्मी घंटों जमे रहे। मजबूरन गृहस्वामी को चाय-नाश्ता के साथ सेवा टहल में ही लगे रहना पड़ा। वहीं, सुरक्षा के नाम पर पुलिसकर्मियोें ने ग्रामीणों संग जमकर बदसूलकी भी की। रोजाना उस रास्ते से गुजरने वालों को आज सुबह से उस रास्ते में फटकने नहीं दिया गया। कई लोग इस वजह से पानी तक नहीं भर सके। उनकी शिकायत सुनने के लिए आला पुलिस अफसर भी राजी नहीं हो रहे थे। सीएम के जाने के बाद दूसरी टाइम में ही उनको पानी भरने को मिला। उधर, पुलिस की सख्ती के चलते बड़ी संख्या में ग्रामीणों की सीएम को देखने की इच्छा भी पूरी नहीं हो सकी।
अस्थायी हेलिपैड के लिए काट दिया हरा आम का पेड़
बुढ़पुरा गांव में सीएम के हेलिकाफ्टर उतरने को बने अस्थायी हेलिपैड के लिए प्रशासन ने आनन-फानन में वहां लगे एक हरे आम के पेड़ को भी धराशायी कर दिया। यह पेड़ स्थानीय पप्पू राजपूत के खेत में लगा हुआ था। इस बार उसमें भरपूर फल आने की भी उम्मीद थी लेकिन, हैलिपैड बनाने के लिए रात में उसे काट दिया गया। इसके अलावा गांव के ऊपर से जा रही 11000 किलो वाट की बिजली लाइन भी खंभे समेत वहां से हटा दी गई। इससे गांव का नगदा मजरा के 20 सहरिया जनजाति के परिवार के लोगों को अब दो दिनों तक अंधेरे में ही रहने पर मजबूर होना पड़ेगा।
खुदाई के चलते दिन भर उड़ती है धूल, ग्रामीण परेशान
जलाशय बनाने के लिए गांव में लगातार गहरी खुदाई हो रही। इस वजह से वातावरण में धूल फैली रहती है लेकिन, कंपनी पर्यावरण प्रावधानों का कहीं भी पालन नहीं कर रही। कार्यस्थल पर धूल को फैलने से रोकने का कोई इंतजाम नहीं किया गया। इस वजह काम के समय धूल उड़कर पूरे गांव में फैलती रहती है। ग्रामीणों का कहना है कि पास में ही सेना की शूटिंग रेंज भी है। इस वजह से वहां से भी टैंकों के अभ्यास के समय भारी धूल उड़ती है। पूरे गांव में ही धूल से लोग परेशान रहते हैं।
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