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Jhansi News: बुंदेलखंड विवि इसी सत्र से शुरू करेगा साइबर सिक्योरिटी कोर्स

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अमर उजाला ब्यूरो

झांसी। आर्थिक अपराध यानी साइबर फ्रॉड के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। साइबर अपराधी लोगों के बैंक खातों में सेंध लगाने के लिए नित नए तरीके ईजाद कर रहे हैं। डिटिजल अरेस्ट से लेकर फर्जी लीगल नोटिस भेजकर डराने के बाद आर्थिक चोट पहुंचा रहे हैं। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय (बीयू) सत्र 2025-26 से साइबर सिक्योरिटी का डिप्लोमा कोर्स व ओडीएल (ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग) के तहत डॉक्यूमेंट (दस्तावेज) और फिंगर प्रिंट सर्टिफिकेट कोर्स शुरू करेगा। इन पाठ्यक्रमों में बीयू के विद्यार्थियों के साथ ही अन्य लोग भी प्रवेश ले सकेंगे।



बुंदेलखंड विश्वविद्यालय (बीयू) के डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम इंस्टीट्यूट ऑफ फोरेंसिक साइंस एंड क्रिमिनोलॉजी संस्थान में यह पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे। साइबर अपराधों की जानकारी और उनसे निपटने के तरीकों के बारे में साइबर सिक्योरिटी डिप्लोमा कोर्स होगा, यह छह माह का होगा। इसका पाठ्यक्रम तैयार कर लिया गया है। इस डिप्लोमा कोर्स को करने के लिए अभ्यर्थी का किसी भी विषय में स्नातक होना जरूरी है। वहीं, ओडीएल के तहत डॉक्यूमेंट व फिंगर प्रिंट सर्टीफिकेट कोर्स शुरू करेगा, जो तीन-तीन माह का होगा। इस सर्टिफिकेट कोर्स करने वाले अभ्यर्थी का 12वीं पास होना जरूरी है। इसका भी पाठ्यक्रम तैयार कर लिया गया है।
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संस्थान के समन्वयक डॉ. विजय यादव ने बताया कि साइबर सिक्योरिटी का डिप्लोमा कोर्स और डॉक्यूमेंट व फिंगर प्रिंट के सर्टिफिकेट कोर्स का पाठ्यक्रम तैयार हो गया है, जो जल्द बीओएस (बोर्ड ऑफ स्टडीज) में रखा जाएगा। इससे लोगों को सिर्फ साइबर ठगी से बचाया जा सकेगा बल्कि दस्तावेजों से होने वाली छेड़खानी भी पता लग सकेगी। तहसील के बैनामे आदि रिकॉर्ड में हेरफेर करने के मामले भी आते हैं। कोर्सेज को करने वाले विद्यार्थी साइबर विशेषज्ञ बन सकेंगे। स्कूलों में भी साइबर सुरक्षा की पढ़ाई करा सकेंगे।
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